बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुक सारिका जानकी ज्याए। कनक पिंजरन्हि राखि पढ़ाए।।
मूल पाठ
सुक सारिका जानकी ज्याए। कनक पिंजरन्हि राखि पढ़ाए।।
ब्याकुल कहहिं कहाँ बैदेही। सुनि धीरजु परिहरइ न केही।।
स्रोत अभिलेख 1.338 · पुस्तक पृ. 321, 322
भावार्थ
मूल पाठ के बादजानकीने जिन तोता और मैनाको पाल-पोसकर बड़ा किया था और सोनेके पिंजड़ोंमें रखकर पढ़ाया था, वे व्याकुल होकर कह रहे हैं—वैदेही कहाँ हैं। उनके ऐसे वचनोंको सुनकर धीरज किसको नहीं त्याग देगा (अर्थात् सबका धैर्य जाता रहा)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 321 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुक सारिका जानकी ज्याए। कनक पिंजरन्हि राखि पढ़ाए।।
English explanation
AI draft: The parrots and mynas whom Janaki had raised and taught to speak, keeping them in golden cages—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुक | तोते | parrots |
| सारिका | मैनाएँ | mynas |
| जानकी | जानकी अर्थात सीता ने | Janaki, Sita, as the doer |
| ज्याए | पाले-पोसे | raised and nurtured |
| कनक | सोने के | golden |
| पिंजरन्हि | पिंजरों में | in cages |
| राखि | रखकर | having kept |
| पढ़ाए | बोलना सिखाया | taught to speak |
2 ब्याकुल कहहिं कहाँ बैदेही। सुनि धीरजु परिहरइ न केही।।
English explanation
Distraught, they cry, “Where is Vaidehi?” Who would not lose composure on hearing this?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्याकुल | व्याकुल होकर | in distress |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| कहाँ | कहाँ हैं | where is |
| बैदेही | वैदेही अर्थात सीता | Vaidehi, Sita |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| धीरजु | धैर्य | composure |
| परिहरइ | छोड़ देता है | loses |
| न | नहीं | not |
| केही | कौन | who |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.338
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 321
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 321, 322
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।