बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भए बिकल खग मृग एहि भाँति। मनुज दसा कैसें कहि जाती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजब पक्षी और पशुतक इस तरह विकल हो गये, तब मनुष्योंकी दशा कैसे कही जा सकती है! तब भाईसहित जनकजी वहाँ आये। प्रेमसे उमड़कर उनके नेत्रोंमें [प्रेमाश्रुओंका] जल भर आया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 322 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भए बिकल खग मृग एहि भाँति। मनुज दसा कैसें कहि जाती।।
बंधु समेत जनकु तब आए। प्रेम उमगि लोचन जल छाए।।
स्रोत अभिलेख 1.338 · पुस्तक पृ. 321, 322
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भए बिकल खग मृग एहि भाँति। मनुज दसा कैसें कहि जाती।।
English explanation
When birds and beasts became so distraught, how could the condition of the people be described?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भए | हो गए | became |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| खग | पक्षी | birds |
| मृग | पशु | beasts |
| एहि | इस | this |
| भाँति | प्रकार | manner |
| मनुज | मनुष्यों की | of people |
| दसा | दशा | condition |
| कैसें | कैसे | how |
| कहि | कही | described |
| जाती | जा सकती है | could be |
2 बंधु समेत जनकु तब आए। प्रेम उमगि लोचन जल छाए।।
English explanation
Then Janaka came with his brother. Love welled up, and his eyes filled with tears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बंधु | भाई के | his brother |
| समेत | साथ | with |
| जनकु | राजा जनक, सीता के पिता | King Janaka, Sita’s father |
| तब | तब | then |
| आए | आए | came |
| प्रेम | प्रेम | love |
| उमगि | उमड़कर | welling up |
| लोचन | आँखों में | in his eyes |
| जल | आँसू | tears |
| छाए | भर गए | filled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.338
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 322
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 321, 322
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।