बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुकृती तुम्ह समान जग माहीं। भयउ न है कोउ होनेउ नाहीं।।
मूल पाठ
सुकृती तुम्ह समान जग माहीं। भयउ न है कोउ होनेउ नाहीं।।
तुम्ह ते अधिक पुन्य बड़ काकें। राजन राम सरिस सुत जाकें।।
स्रोत अभिलेख 1.294 · पुस्तक पृ. 278, 279
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुम्हारे समान पुण्यात्मा जगत्में न कोई हुआ, न है और न होनेका ही है। हे राजन्! तुमसे अधिक पुण्य और किसका होगा, जिसके राम-सरीखे पुत्र हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 279 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुकृती तुम्ह समान जग माहीं। भयउ न है कोउ होनेउ नाहीं।।
English explanation
In the world, no one as virtuous as you has existed, exists now, or will exist.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुकृती | पुण्यवान व्यक्ति | a person of virtuous deeds |
| तुम्ह | आपके | you |
| समान | समान | equal to |
| जग | संसार | the world |
| माहीं | में | in |
| भयउ | हुआ | has existed |
| न | नहीं | not |
| है | है | exists |
| कोउ | कोई | anyone |
| होनेउ | होने वाला है | will exist |
| नाहीं | नहीं | not |
2 तुम्ह ते अधिक पुन्य बड़ काकें। राजन राम सरिस सुत जाकें।।
English explanation
O king, whose merit is greater than yours, when you have a son like Rama?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आप | you |
| ते | से | than |
| अधिक | अधिक | more |
| पुन्य | पुण्य | merit |
| बड़ | बड़ा | great |
| काकें | किसका | whose |
| राजन | हे राजा | O king |
| राम | राम, दशरथ के पुत्र | Rama, Dasharatha’s son |
| सरिस | जैसे | like |
| सुत | पुत्र | son |
| जाकें | जिनके, अर्थात् आपके | whose, referring to you |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.294
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 279
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 278, 279
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।