बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बीर बिनीत धरम ब्रत धारी। गुन सागर बर बालक चारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऔर जिसके चारों बालक वीर, विनम्र, धर्मका व्रत धारण करनेवाले और गुणोंके सुन्दर समुद्र हैं। तुम्हारे लिये सभी कालोंमें कल्याण है। अतएव डंका बजवाकर बारात सजाओ॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 279 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बीर बिनीत धरम ब्रत धारी। गुन सागर बर बालक चारी।।
तुम्ह कहुँ सर्ब काल कल्याना। सजहु बरात बजाइ निसाना।।
स्रोत अभिलेख 1.294 · पुस्तक पृ. 278, 279
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बीर बिनीत धरम ब्रत धारी। गुन सागर बर बालक चारी।।
English explanation
Your four excellent sons are brave, humble, devoted to religious duty, and oceans of virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बीर | वीर | brave |
| बिनीत | विनम्र | humble |
| धरम | धर्म का | of righteousness |
| ब्रत | व्रत, दृढ़ संकल्प | vow |
| धारी | धारण करने वाले | observing |
| गुन | गुणों के | of virtues |
| सागर | सागर | oceans |
| बर | श्रेष्ठ | excellent |
| बालक | पुत्र | sons |
| चारी | चारों | all four |
2 तुम्ह कहुँ सर्ब काल कल्याना। सजहु बरात बजाइ निसाना।।
English explanation
Well-being is yours at all times. Prepare the wedding procession with kettledrums sounding.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आप | you |
| कहुँ | के लिए | for |
| सर्ब | सभी | all |
| काल | समय | times |
| कल्याना | कल्याण | well-being |
| सजहु | तैयार कीजिए | prepare |
| बरात | विवाह की बारात | the wedding procession |
| बजाइ | बजाकर | sounding |
| निसाना | नगाड़े | kettledrums |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.294
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 279
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 278, 279
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।