बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सीय स्वयंबर कथा सुहाई। सरित सुहावनि सो छबि छाई।।
मूल पाठ
सीय स्वयंबर कथा सुहाई। सरित सुहावनि सो छबि छाई।।
नदी नाव पटु प्रस्न अनेका। केवट कुसल उतर सबिबेका।।
स्रोत अभिलेख 1.41 · पुस्तक पृ. 63, 64
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीसीताजीके स्वयंवरकी जो सुन्दर कथा है, वही इस नदीमें सुहावनी छबि छा रही है। अनेकों सुन्दर विचारपूर्ण प्रश्र ही इस नदीकी नावें हैं और उनके विवेकयुक्त उत्तर ही चतुर केवट हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 63 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सीय स्वयंबर कथा सुहाई। सरित सुहावनि सो छबि छाई।।
English explanation
AI-draft interpretation: The lovely story of Sita’s svayamvara is the beauty pervading that delightful river.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीय | सीता का | of Sita |
| स्वयंबर | वर-चयन समारोह | ceremony for choosing a husband |
| कथा | कथा | story |
| सुहाई | सुंदर | lovely |
| सरित | नदी | river |
| सुहावनि | सुहावनी | delightful |
| सो | वह | that |
| छबि | सुंदरता | beauty |
| छाई | छाई हुई | pervading |
2 नदी नाव पटु प्रस्न अनेका। केवट कुसल उतर सबिबेका।।
English explanation
The many discerning questions are boats on the river, and the judicious answers are skilled boatmen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नदी | नदी की | on the river |
| नाव | नावें | boats |
| पटु | चतुर, सूझबूझ वाले | discerning |
| प्रस्न | प्रश्न | questions |
| अनेका | अनेक | many |
| केवट | नाविक | boatmen |
| कुसल | कुशल | skilled |
| उतर | उत्तर | answers |
| सबिबेका | विवेक सहित | judicious |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 63
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 63, 64
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।