बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सीय चलत ब्याकुल पुरबासी। होहिं सगुन सुभ मंगल रासी।।
मूल पाठ
सीय चलत ब्याकुल पुरबासी। होहिं सगुन सुभ मंगल रासी।।
भूसुर सचिव समेत समाजा। संग चले पहुँचावन राजा।।
स्रोत अभिलेख 1.339 · पुस्तक पृ. 322, 323
भावार्थ
मूल पाठ के बादसीताजीके चलते समय जनकपुरवासी व्याकुल हो गये। मङ्गलकी राशि शुभ शकुन हो रहे हैं। ब्राह्मण और मन्त्रियोंके समाजसहित राजा जनकजी उन्हें पहुँचानेके लिये साथ चले॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 322 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सीय चलत ब्याकुल पुरबासी। होहिं सगुन सुभ मंगल रासी।।
English explanation
As Sita departed, the townspeople were distraught; auspicious omens rich in good fortune were appearing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीय | सीता | Sita |
| चलत | प्रस्थान करते समय | as she departed |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| पुरबासी | नगर के निवासी | townspeople |
| होहिं | हो रहे थे | were occurring |
| सगुन | शकुन | omens |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| मंगल | मंगल; कल्याण | good fortune |
| रासी | राशि; भंडार | a store; abundance |
2 भूसुर सचिव समेत समाजा। संग चले पहुँचावन राजा।।
English explanation
King Janaka, accompanied by Brahmins, ministers, and the assembled company, went along to see them off.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भूसुर | ब्राह्मण | Brahmins |
| सचिव | मंत्री | ministers |
| समेत | सहित | together with |
| समाजा | समाज; उपस्थित जनसमूह | the assembled company |
| संग | साथ | along with them |
| चले | चले | went |
| पहुँचावन | विदा करने; कुछ दूर पहुँचाने के लिए | to escort them and see them off |
| राजा | राजा जनक | King Janaka |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.339
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 322
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 322, 323
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।