बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सिसु सब राम प्रेमबस जाने। प्रीति समेत निकेत बखाने।।
मूल पाठ
सिसु सब राम प्रेमबस जाने। प्रीति समेत निकेत बखाने।।
निज निज रुचि सब लेंहिं बोलाई। सहित सनेह जाहिं दोउ भाई।।
स्रोत अभिलेख 1.225 · पुस्तक पृ. 221, 222
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने सब बालकोंको प्रेमके वश जानकर [यज्ञभूमिके] स्थानोंकी प्रेमपूर्वक प्रशंसा की। [इससे बालकोंका उत्साह, आनन्द और पे्रम और भी बढ़ गया, जिससे] वे सब अपनी- अपनी रुचिके अनुसार उन्हें बुला लेते हैं और [प्रत्येकके बुलानेपर] दोनों भाई प्रेमसहित उनके पास चले जाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 221 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सिसु सब राम प्रेमबस जाने। प्रीति समेत निकेत बखाने।।
English explanation
AI-generated draft: Rama recognized all the children as captivated by love; the children lovingly described the buildings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिसु | बच्चे | children |
| सब | सभी | all |
| राम | राम ने | Rama, as the subject |
| प्रेमबस | प्रेम के वश में | captivated by love |
| जाने | जाना; समझा | recognized; understood |
| प्रीति | प्रेम | love |
| समेत | सहित | with |
| निकेत | भवनों का | the buildings |
| बखाने | वर्णन किया | described |
2 निज निज रुचि सब लेंहिं बोलाई। सहित सनेह जाहिं दोउ भाई।।
English explanation
Each child calls them over according to their own preference, and both brothers go with them affectionately.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपनी | their own |
| निज | अपनी; प्रत्येक की अलग | own, individually |
| रुचि | इच्छा के अनुसार | according to preference |
| सब | सभी बच्चे | all the children |
| लेंहिं | ले लेते हैं | take them along |
| बोलाई | बुलाकर | having called them |
| सहित | सहित | with |
| सनेह | स्नेह | affection |
| जाहिं | जाते हैं | go |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई, राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.225
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 221
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 221, 222
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।