बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सिय सुंदरता बरनि न जाई। लघु मति बहुत मनोहरताई।।
मूल पाठ
सिय सुंदरता बरनि न जाई। लघु मति बहुत मनोहरताई।।
आवत दीखि बरातिन्ह सीता।।रूप रासि सब भाँति पुनीता।।
स्रोत अभिलेख 1.323 · पुस्तक पृ. 304, 304
भावार्थ
मूल पाठ के बादसीताजीकी सुन्दरताका वर्णन नहीं हो सकता, क्योंकि बुद्धि बहुत छोटी है और मनोहरता बहुत बड़ी है। रूपकी राशि और सब प्रकारसे पवित्र सीताजीको बरातियोंने आते देखा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 304 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सिय सुंदरता बरनि न जाई। लघु मति बहुत मनोहरताई।।
English explanation
AI draft: Sita’s beauty cannot be described; my understanding is limited, while her loveliness is immense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता की | Sita’s |
| सुंदरता | सुंदरता | beauty |
| बरनि | वर्णन की | described |
| न | नहीं | not |
| जाई | जा सकती | can be |
| लघु | छोटी, सीमित | small, limited |
| मति | बुद्धि | understanding |
| बहुत | बहुत अधिक | immense |
| मनोहरताई | मनोहरता | loveliness |
2 आवत दीखि बरातिन्ह सीता।।रूप रासि सब भाँति पुनीता।।
English explanation
The wedding guests saw Sita approaching, an embodiment of beauty and pure in every respect.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आवत | आती हुई | approaching |
| दीखि | दिखाई दीं | was seen |
| बरातिन्ह | बारातियों को | by the wedding guests |
| सीता | सीता | Sita, the bride |
| रूप | सुंदरता की | of beauty |
| रासि | राशि, भंडार | embodiment, store |
| सब | सब | every |
| भाँति | प्रकार से | in respect |
| पुनीता | पवित्र | pure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.323
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 304
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 304, 304
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।