बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सानुज राम बिबाह उछाहू। सो सुभ उमग सुखद सब काहू।।
मूल पाठ
सानुज राम बिबाह उछाहू। सो सुभ उमग सुखद सब काहू।।
कहत सुनत हरषहिं पुलकाहीं। ते सुकृती मन मुदित नहाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.41 · पुस्तक पृ. 63, 64
भावार्थ
मूल पाठ के बादभाइयोंसहित श्रीरामचन्द्रजीके विवाहका उत्साह ही इस कथा-नदीकी कल्याणकारिणी बाढ़ है, जो सभीको सुख देनेवाली है। इसके कहने-सुननेमें जो हॢषत और पुलकित होते हैं, वे ही पुण्यात्मा पुरुष हैं, जो प्रसन्न मनसे इस नदीमें नहाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 64 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सानुज राम बिबाह उछाहू। सो सुभ उमग सुखद सब काहू।।
English explanation
The joyous celebration of Rama’s marriage together with his younger brothers is that river’s auspicious surge, bringing happiness to everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सानुज | छोटे भाइयों सहित | together with his younger brothers |
| राम | राम के | of Rama |
| बिबाह | विवाह का | marriage |
| उछाहू | उत्साह, उल्लास | joyous celebration |
| सो | वह | that |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| उमग | उफान, उमंग | surge of joy |
| सुखद | सुख देने वाला | bringing happiness |
| सब | सभी | every |
| काहू | किसी को | person |
2 कहत सुनत हरषहिं पुलकाहीं। ते सुकृती मन मुदित नहाहीं।।
English explanation
Those who rejoice and thrill while telling and hearing it are virtuous people bathing in this river with joyful hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहत | कहते हुए | while telling |
| सुनत | सुनते हुए | while listening |
| हरषहिं | हर्षित होते हैं | rejoice |
| पुलकाहीं | रोमांचित होते हैं | thrill with delight |
| ते | वे | those |
| सुकृती | पुण्यवान लोग | virtuous people |
| मन | मन से | in heart |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| नहाहीं | स्नान करते हैं | bathe |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 64
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 63, 64
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।