बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सादर सकल कुअँरि समुझाई। रानिन्ह बार बार उर लाई।।
मूल पाठ
सादर सकल कुअँरि समुझाई। रानिन्ह बार बार उर लाई।।
बहुरि बहुरि भेटहिं महतारीं। कहहिं बिरंचि रचीं कत नारीं।।
स्रोत अभिलेख 1.334 · पुस्तक पृ. 318, 319
भावार्थ
मूल पाठ के बादआदरके साथ सब पुत्रियोंको [स्त्रियोंके धर्म] समझाकर रानियोंने बार-बार उन्हें हृदयसे लगाया। माताएँ फिर-फिर भेंटती और कहती हैं कि ब्रह्माने स्त्रीजातिको क्यों रचा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 319 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सादर सकल कुअँरि समुझाई। रानिन्ह बार बार उर लाई।।
English explanation
After respectfully counseling all the princesses, the queens repeatedly clasped them to their hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| सकल | सभी | all |
| कुअँरि | राजकुमारियों को | the princesses |
| समुझाई | समझाकर | having counseled |
| रानिन्ह | रानियों ने | the queens |
| बार | बार | time |
| बार | बार | after time |
| उर | हृदय से | to their hearts |
| लाई | लगाया | clasped |
2 बहुरि बहुरि भेटहिं महतारीं। कहहिं बिरंचि रचीं कत नारीं।।
English explanation
The mothers embrace them again and again, saying, “Why did Brahma create women?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | again |
| बहुरि | फिर | again |
| भेटहिं | गले लगाती हैं | embrace them |
| महतारीं | माताएँ | the mothers |
| कहहिं | कहती हैं | say |
| बिरंचि | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने | Brahma, the creator |
| रचीं | रचीं | created |
| कत | क्यों | why |
| नारीं | स्त्रियाँ | women |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.334
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 319
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 318, 319
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।