बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सांख्य सास्त्र जिन्ह प्रगट बखाना। तत्व बिचार निपुन भगवाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतत्त्वोंका विचार करनेमें अत्यन्त निपुण जिन (कपिल) भगवान्ने सांख्यशास्त्रका प्रकटरूपमें वर्णन किया, उन (स्वायम्भुव) मनुजीने बहुत समयतक राज्य किया और सब प्रकारसे भगवान्की आज्ञा [रूप शास्त्रोंकी मर्यादा] का पालन किया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 150 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सांख्य सास्त्र जिन्ह प्रगट बखाना। तत्व बिचार निपुन भगवाना।।
तेहिं मनु राज कीन्ह बहु काला। प्रभु आयसु सब बिधि प्रतिपाला।।
स्रोत अभिलेख 1.142 · पुस्तक पृ. 150, 150
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सांख्य सास्त्र जिन्ह प्रगट बखाना। तत्व बिचार निपुन भगवाना।।
English explanation
That Lord Kapila, skilled in examining fundamental reality, clearly expounded the Sankhya teaching.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सांख्य | सांख्य दर्शन का | of Sankhya philosophy |
| सास्त्र | शास्त्र | systematic teaching |
| जिन्ह | जिन्होंने, अर्थात कपिल ने | who, referring to Kapila |
| प्रगट | स्पष्ट रूप से | clearly |
| बखाना | व्याख्या की | expounded |
| तत्व | मूल तत्त्वों का | of fundamental principles |
| बिचार | विचार-विवेचन | inquiry and discernment |
| निपुन | कुशल | skilled |
| भगवाना | भगवान कपिल | Lord Kapila |
2 तेहिं मनु राज कीन्ह बहु काला। प्रभु आयसु सब बिधि प्रतिपाला।।
English explanation
That Manu ruled for a long time and obeyed the Lord’s command in every way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उन | that, referring to the same Manu |
| मनु | मनु ने | Manu |
| राज | राज्य | rule |
| कीन्ह | किया | exercised |
| बहु | बहुत | a long |
| काला | समय तक | time |
| प्रभु | प्रभु की | the Lord’s |
| आयसु | आज्ञा | command |
| सब | सब | every |
| बिधि | प्रकार से | way |
| प्रतिपाला | पालन किया | obeyed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.142
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 150
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 150, 150
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।