बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सहज मनोहर मूरति दोऊ। कोटि काम उपमा लघु सोऊ।।
मूल पाठ
सहज मनोहर मूरति दोऊ। कोटि काम उपमा लघु सोऊ।।
सरद चंद निंदक मुख नीके। नीरज नयन भावते जी के।।
स्रोत अभिलेख 1.243 · पुस्तक पृ. 236, 237
भावार्थ
मूल पाठ के बाददोनों मूॢतयाँ स्वभावसे ही (बिना किसी बनाव-शृंगारके) मनको हरनेवाली हैं। करोड़ों कामदेवोंकी उपमा भी उनके लिये तुच्छ है। उनके सुन्दर मुख शरद् [पूॢणमा] के चन्द्रमाकी भी निन्दा करनेवाले (उसे नीचा दिखानेवाले) हैं और कमलके समान नेत्र मनको बहुत ही भाते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 236 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सहज मनोहर मूरति दोऊ। कोटि काम उपमा लघु सोऊ।।
English explanation
AI draft: Rama and Lakshmana are both naturally beautiful; even comparison with ten million gods of love falls short.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहज | स्वभावतः | naturally |
| मनोहर | मन को मोहने वाली | enchanting |
| मूरति | रूप; आकृति | forms |
| दोऊ | दोनों, राम और लक्ष्मण | both, Rama and Lakshmana |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| काम | कामदेव | gods of love |
| उपमा | तुलना | comparison |
| लघु | छोटी; अपर्याप्त | inadequate |
| सोऊ | वह भी | even that |
2 सरद चंद निंदक मुख नीके। नीरज नयन भावते जी के।।
English explanation
Their lovely faces outshine the autumn moon; their lotus-like eyes delight the heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरद | शरद ऋतु का | autumn |
| चंद | चंद्रमा | moon |
| निंदक | सुंदरता में मात देने वाले | outshining |
| मुख | चेहरे | faces |
| नीके | सुंदर | lovely |
| नीरज | कमल-समान | lotus-like |
| नयन | नेत्र | eyes |
| भावते | प्रिय लगते हैं | are pleasing |
| जी | मन | the heart |
| के | को | to |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.243
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 236
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 236, 237
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।