बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सरद मयंक बदन छबि सींवा। चारु कपोल चिबुक दर ग्रीवा।।
मूल पाठ
सरद मयंक बदन छबि सींवा। चारु कपोल चिबुक दर ग्रीवा।।
अधर अरुन रद सुंदर नासा। बिधु कर निकर बिनिंदक हासा।।
स्रोत अभिलेख 1.147 · पुस्तक पृ. 154, 154
भावार्थ
मूल पाठ के बादउनका मुख शरद् [पूॢणमा] के चन्द्रमाके समान छविकी सीमास्वरूप था। गाल और ठोड़ी बहुत सुन्दर थे, गला शङ्खके समान (त्रिरेखायुक्त, चढ़ाव-उतारवाला) था। लाल ओठ, दाँत और नाक अत्यन्त सुन्दर थे। हँसी चन्द्रमाकी किरणावलीको नीचा दिखानेवाली थी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 154 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सरद मयंक बदन छबि सींवा। चारु कपोल चिबुक दर ग्रीवा।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: The face is like the autumn moon, the very height of beauty; the cheeks and chin are lovely, and the neck is like a conch.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरद | शरद ऋतु का | of autumn |
| मयंक | चंद्रमा | moon |
| बदन | मुख | face |
| छबि | सुंदरता की | of beauty |
| सींवा | पराकाष्ठा; सीमा | ultimate limit; perfection |
| चारु | सुंदर | lovely |
| कपोल | गाल | cheeks |
| चिबुक | ठोड़ी | chin |
| दर | शंख जैसी | conch-like |
| ग्रीवा | गर्दन | neck |
2 अधर अरुन रद सुंदर नासा। बिधु कर निकर बिनिंदक हासा।।
English explanation
The lips are red, the teeth and nose beautiful; the smile outshines even the mass of moonbeams.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अधर | होंठ | lips |
| अरुन | लाल | red |
| रद | दाँत | teeth |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| नासा | नाक | nose |
| बिधु | चंद्रमा की | of the moon |
| कर | किरणों का | of rays |
| निकर | समूह | multitude |
| बिनिंदक | को भी फीका कर देने वाली | outshining |
| हासा | मुस्कान | smile |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.147
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 154
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 154, 154
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।