बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समाचार कहि जनक सुनाए। जेहि कारन महीप सब आए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजिस कारण सब राजा आये थे, राजा जनकने वे सब समाचार कह सुनाये। जनकके वचन सुनकर परशुरामजीने फिरकर दूसरी ओर देखा तो धनुषके टुकड़े पृथ्वीपर पड़े हुए दिखायी दिये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 259 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
समाचार कहि जनक सुनाए। जेहि कारन महीप सब आए।।
सुनत बचन फिरि अनत निहारे। देखे चापखंड महि डारे।।
स्रोत अभिलेख 1.27 · पुस्तक पृ. 259, 260
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 समाचार कहि जनक सुनाए। जेहि कारन महीप सब आए।।
English explanation
Janaka related the circumstances and explained why all the kings had come.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समाचार | समाचार; सारी बात | news; the circumstances |
| कहि | कहकर | having told |
| जनक | मिथिला के राजा जनक ने | Janaka, king of Mithila |
| सुनाए | सुनाए; बतलाए | related; explained |
| जेहि | जिस | which |
| कारन | कारण से | for the reason |
| महीप | राजा | kings |
| सब | सभी | all |
| आए | आए थे | had come |
2 सुनत बचन फिरि अनत निहारे। देखे चापखंड महि डारे।।
English explanation
Hearing these words, Parashurama turned his gaze elsewhere and saw the pieces of the bow lying on the ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| बचन | बात; वचन | words; account |
| फिरि | फिर; मुड़कर | then; turning |
| अनत | दूसरी ओर | elsewhere |
| निहारे | देखा | looked |
| देखे | देखे | saw |
| चापखंड | धनुष के टुकड़े | pieces of the bow |
| महि | धरती पर | on the ground |
| डारे | पड़े हुए | lying; cast down |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 259
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 259, 260
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।