बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अति रिस बोले बचन कठोरा। कहु जड़ जनक धनुष कै तोरा।।
मूल पाठ
अति रिस बोले बचन कठोरा। कहु जड़ जनक धनुष कै तोरा।।
बेगि देखाउ मूढ़ न त आजू। उलटउँ महि जहँ लहि तव राजू।।
स्रोत अभिलेख 1.27 · पुस्तक पृ. 259, 260
भावार्थ
मूल पाठ के बादअत्यन्त क्रोधमें भरकर वे कठोर वचन बोले—रे मूर्ख जनक! बता, धनुष किसने तोड़ा? उसे शीघ्र दिखा, नहीं तो अरे मूढ़! आज मैं जहाँतक तेरा राज्य है, वहाँतककी पृथ्वी उलट दूँगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 259 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अति रिस बोले बचन कठोरा। कहु जड़ जनक धनुष कै तोरा।।
English explanation
In great anger, Parashurama spoke harshly: “Tell me, foolish Janaka, who broke the bow?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | extremely |
| रिस | क्रोध में | in anger |
| बोले | बोले | spoke |
| बचन | वचन; बातें | words |
| कठोरा | कठोर | harsh |
| कहु | कहो; बताओ | tell me |
| जड़ | मूर्ख | foolish |
| जनक | हे राजा जनक | O King Janaka |
| धनुष | धनुष | the bow |
| कै | किसने | who |
| तोरा | तोड़ा | broke |
2 बेगि देखाउ मूढ़ न त आजू। उलटउँ महि जहँ लहि तव राजू।।
English explanation
“Fool, show him to me quickly; otherwise, today I will overturn the earth throughout the extent of your kingdom.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| देखाउ | दिखाओ; सामने लाओ | show; bring before me |
| मूढ़ | हे मूर्ख | you fool |
| न | नहीं | not |
| त | तो | then; otherwise |
| आजू | आज ही | today |
| उलटउँ | मैं उलट दूँगा | I will overturn |
| महि | धरती | the earth |
| जहँ | जहाँ | where |
| लहि | तक | as far as |
| तव | तुम्हारा | your |
| राजू | राज्य है | kingdom extends |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 259
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 259, 260
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