बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समउ जानि मुनिबरन्ह बोलाई। सुनत सुआसिनि सादर ल्याई।।
मूल पाठ
समउ जानि मुनिबरन्ह बोलाई। सुनत सुआसिनि सादर ल्याई।।
जनक बाम दिसि सोह सुनयना। हिमगिरि संग बनि जनु मयना।।
स्रोत अभिलेख 1.324 · पुस्तक पृ. 305, 306
भावार्थ
मूल पाठ के बादसमय जानकर श्रेष्ठ मुनियोंने उनको बुलवाया। यह सुनते ही सुहागिनी स्त्रियाँ उन्हें आदरपूर्वक ले आयीं। सुनयनाजी (जनकजीकी पटरानी) जनकजीकी बायीं ओर ऐसी सोह रही हैं, मानो हिमाचलके साथ मैनाजी शोभित हों॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 305 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 समउ जानि मुनिबरन्ह बोलाई। सुनत सुआसिनि सादर ल्याई।।
English explanation
Knowing the proper time had come, the eminent sages summoned the queen. On hearing the summons, married women respectfully brought her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समउ | उचित समय | the proper time |
| जानि | जानकर | recognizing |
| मुनिबरन्ह | श्रेष्ठ मुनियों ने | the eminent sages |
| बोलाई | रानी को बुलाया | summoned the queen |
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| सुआसिनि | सुहागिन स्त्रियाँ | women whose husbands were living |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| ल्याई | ले आईं | brought her |
2 जनक बाम दिसि सोह सुनयना। हिमगिरि संग बनि जनु मयना।।
English explanation
Sunayana shines at Janaka’s left, as though Maina were gracefully seated beside Himalaya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनक | राजा जनक की | of King Janaka |
| बाम | बाईं | left |
| दिसि | ओर | side |
| सोह | शोभित हैं | shines |
| सुनयना | सुनयना, सीता की माता | Sunayana, Sita’s mother |
| हिमगिरि | हिमालय, पार्वती के पिता | Himalaya, Parvati’s father |
| संग | के साथ | beside |
| बनि | सुशोभित | gracefully situated |
| जनु | मानो | as though |
| मयना | मैना, पार्वती की माता | Maina, Parvati’s mother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.324
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 305
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 305, 306
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।