बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कनक कलस मनि कोपर रूरे। सुचि सुंगध मंगल जल पूरे।।
मूल पाठ
कनक कलस मनि कोपर रूरे। सुचि सुंगध मंगल जल पूरे।।
निज कर मुदित रायँ अरु रानी। धरे राम के आगें आनी।।
स्रोत अभिलेख 1.324 · पुस्तक पृ. 305, 306
भावार्थ
मूल पाठ के बादपवित्र, सुगन्धित और मङ्गल जलसे भरे सोनेके कलश और मणियोंकी सुन्दर परातें राजा और रानीने आनन्दित होकर अपने हाथोंसे लाकर श्रीरामचन्द्रजीके आगे रखीं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 306 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कनक कलस मनि कोपर रूरे। सुचि सुंगध मंगल जल पूरे।।
English explanation
Golden pitchers and lovely gem-made basins are filled with pure, fragrant, auspicious water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कनक | सोने के | golden |
| कलस | कलश | pitchers |
| मनि | मणियों के | made of gems |
| कोपर | बड़े कटोरे या परातें | large bowls or basins |
| रूरे | सुंदर | lovely |
| सुचि | पवित्र | pure |
| सुंगध | सुगंधित | fragrant |
| मंगल | मंगलकारी | auspicious |
| जल | जल से | with water |
| पूरे | भरे हुए | filled |
2 निज कर मुदित रायँ अरु रानी। धरे राम के आगें आनी।।
English explanation
The joyful king and queen brought those vessels with their own hands and placed them before Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपने | their own |
| कर | हाथों से | with their hands |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| रायँ | राजा जनक ने | King Janaka |
| अरु | और | and |
| रानी | रानी सुनयना ने | Queen Sunayana |
| धरे | रखे | placed |
| राम | राम | Rama, the bridegroom |
| के | के | of |
| आगें | सामने | in front |
| आनी | लाकर | having brought |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.324
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 306
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 305, 306
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।