बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सभा समेत राउ अनुरागे। दूतन्ह देन निछावरि लागे।।
मूल पाठ
सभा समेत राउ अनुरागे। दूतन्ह देन निछावरि लागे।।
कहि अनीति ते मूदहिं काना। धरमु बिचारि सबहिं सुख माना।।
स्रोत अभिलेख 1.293 · पुस्तक पृ. 278, 278
भावार्थ
मूल पाठ के बादसभासहित राजा प्रेममें मग्र हो गये और दूतोंको निछावर देने लगे। [उन्हें निछावर देते देखकर] यह नीतिविरुद्ध है, ऐसा कहकर दूत अपने हाथोंसे कान मूँदने लगे। धर्मको विचारकर (उनका धर्मयुक्त बर्ताव देखकर) सभीने सुख माना॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 278 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सभा समेत राउ अनुरागे। दूतन्ह देन निछावरि लागे।।
English explanation
The king, together with the assembly, was filled with affection and began offering gifts to the messengers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सभा | सभा | assembly |
| समेत | सहित | together with |
| राउ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| अनुरागे | प्रेम से भर गए | became filled with affection |
| दूतन्ह | दूतों को | to the messengers |
| देन | देने | to give |
| निछावरि | प्रेमपूर्वक अर्पित उपहार | gifts offered in affectionate celebration |
| लागे | लगे | began |
2 कहि अनीति ते मूदहिं काना। धरमु बिचारि सबहिं सुख माना।।
English explanation
Calling this improper, the messengers covered their ears; reflecting on their sense of duty, everyone felt pleased.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहकर | having said |
| अनीति | अनुचित; नीति के विरुद्ध | improper; against right conduct |
| ते | वे दूत | they, the messengers |
| मूदहिं | बंद करते हैं | close; cover |
| काना | कान | ears |
| धरमु | धर्म; उचित कर्तव्यपालन | duty; right conduct |
| बिचारि | विचार करके | having considered |
| सबहिं | सबने | everyone |
| सुख | प्रसन्नता | pleasure |
| माना | अनुभव की | felt |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.293
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 278
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 278, 278
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।