बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब लच्छन संपन्न कुमारी। होइहि संतत पियहि पिआरी।।
मूल पाठ
सब लच्छन संपन्न कुमारी। होइहि संतत पियहि पिआरी।।
सदा अचल एहि कर अहिवाता। एहि तें जसु पैहहिं पितु माता।।
स्रोत अभिलेख 1.67 · पुस्तक पृ. 85, 86
भावार्थ
मूल पाठ के बादकन्या सब सुलक्षणोंसे सम्पन्न है, यह अपने पतिको सदा प्यारी होगी। इसका सुहाग सदा अचल रहेगा और इससे इसके माता-पिता यश पावेंगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 85 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सब लच्छन संपन्न कुमारी। होइहि संतत पियहि पिआरी।।
English explanation
This maiden possesses every auspicious mark and will always be dear to her husband.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| लच्छन | शुभ लक्षणों से | auspicious marks |
| संपन्न | युक्त | endowed with |
| कुमारी | कन्या | maiden |
| होइहि | होगी; रहेगी | will be |
| संतत | सदा | always |
| पियहि | पति को | to her husband |
| पिआरी | प्रिय | dear |
2 सदा अचल एहि कर अहिवाता। एहि तें जसु पैहहिं पितु माता।।
English explanation
Her married blessedness will remain unbroken forever; through her, her father and mother will gain renown.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सदा | सदा | forever |
| अचल | अटल; अखंड | unshaken; unbroken |
| एहि | इस कन्या का | this maiden's |
| कर | का | possessive marker |
| अहिवाता | सुहाग; पति के जीवित रहने का सौभाग्य | marital blessedness with a living husband |
| एहि | इस कन्या के | this maiden |
| तें | कारण; द्वारा | because of; through |
| जसु | यश | renown |
| पैहहिं | पाएँगे | will obtain |
| पितु | पिता | father |
| माता | माता | mother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.67
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 85
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 85, 86
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