बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब बिधि सबहि समदि नरनाहू। रहा हृदयँ भरि पूरि उछाहू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसब प्रकारसे सबका प्रेमपूर्वक भलीभाँति आदर-सत्कार कर लेनेपर राजा दशरथजीके हृदयमें पूर्ण उत्साह (आनन्द) भर गया। जहाँ रनिवास था, वे वहाँ पधारे और बहुओंसमेत उन्होंने कुमारोंको देखा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 334 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सब बिधि सबहि समदि नरनाहू। रहा हृदयँ भरि पूरि उछाहू।।
जहँ रनिवासु तहाँ पगु धारे। सहित बहूटिन्ह कुअँर निहारे।।
स्रोत अभिलेख 1.354 · पुस्तक पृ. 334, 335
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सब बिधि सबहि समदि नरनाहू। रहा हृदयँ भरि पूरि उछाहू।।
English explanation
AI draft: King Dasharatha bade everyone farewell with every due courtesy; his heart remained full of enthusiasm.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | हर | every |
| बिधि | प्रकार से | in manner |
| सबहि | सबको | to everyone |
| समदि | विदा करके | having bade farewell |
| नरनाहू | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| रहा | बना रहा | remained |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| भरि | भरकर | filling |
| पूरि | पूरी तरह | completely |
| उछाहू | उत्साह | enthusiasm |
2 जहँ रनिवासु तहाँ पगु धारे। सहित बहूटिन्ह कुअँर निहारे।।
English explanation
He went to the queens’ quarters and beheld the princes together with their brides.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | where |
| रनिवासु | रानियों का अंतःपुर | the queens’ quarters |
| तहाँ | वहाँ | there |
| पगु | पाँव | footsteps |
| धारे | रखे | placed |
| सहित | साथ | together with |
| बहूटिन्ह | बहुओं के | the daughters-in-law |
| कुअँर | राजकुमारों को | the princes |
| निहारे | देखा | beheld |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.354
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 334
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 334, 335
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।