बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब बिधि सकल अलंकृत कीन्हीं। मुदित महिप महिदेवन्ह दीन्हीं।।
मूल पाठ
सब बिधि सकल अलंकृत कीन्हीं। मुदित महिप महिदेवन्ह दीन्हीं।।
करत बिनय बहु बिधि नरनाहू। लहेउँ आजु जग जीवन लाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.331 · पुस्तक पृ. 316, 317
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन सबको सब प्रकारसे [गहनों-कपड़ोंसे] सजाकर राजाने प्रसन्न होकर भूदेव ब्राह्मणोंको दिया। राजा बहुत तरहसे विनती कर रहे हैं कि जगत्में मैंने आज ही जीनेका लाभ पाया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 316 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सब बिधि सकल अलंकृत कीन्हीं। मुदित महिप महिदेवन्ह दीन्हीं।।
English explanation
All the cows were adorned in every way, and the delighted king gave them to the Brahmins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | हर | every |
| बिधि | प्रकार से | in manner |
| सकल | सभी गायों को | all the cows |
| अलंकृत | सुसज्जित | adorned |
| कीन्हीं | किया | made |
| मुदित | प्रसन्न | delighted |
| महिप | राजा ने | the king |
| महिदेवन्ह | ब्राह्मणों को | to the Brahmins |
| दीन्हीं | दे दीं | gave them |
2 करत बिनय बहु बिधि नरनाहू। लहेउँ आजु जग जीवन लाहू।।
English explanation
Making many humble submissions, the king said, ‘Today I have attained the true reward of my life in this world.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करत | करते हुए | making |
| बिनय | विनम्र निवेदन | humble submissions |
| बहु | अनेक | many |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| नरनाहू | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| लहेउँ | मैंने पा लिया | I have attained |
| आजु | आज | today |
| जग | संसार में | in the world |
| जीवन | जीवन का | of life |
| लाहू | लाभ, सुफल | reward, fulfillment |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.331
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 316
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 316, 317
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।