बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दंड प्रनाम सबहि नृप कीन्हे। पूजि सप्रेम बरासन दीन्हे।।
मूल पाठ
दंड प्रनाम सबहि नृप कीन्हे। पूजि सप्रेम बरासन दीन्हे।।
चारि लच्छ बर धेनु मगाई। कामसुरभि सम सील सुहाई।।
स्रोत अभिलेख 1.331 · पुस्तक पृ. 316, 317
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाने सबको दण्डवत् प्रणाम किया और प्रेमसहित पूजन करके उन्हें उत्तम आसन दिये। चार लाख उत्तम गायें मँगवायीं, जो कामधेनुके समान अच्छे स्वभाववाली और सुहावनी थीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 316 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 दंड प्रनाम सबहि नृप कीन्हे। पूजि सप्रेम बरासन दीन्हे।।
English explanation
AI-draft meaning: The king prostrated before everyone and, honoring them lovingly, offered fine seats.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दंड | दंडवत, शरीर को दंड की तरह सीधा करके | with the body stretched out in prostration |
| प्रनाम | प्रणाम | obeisance |
| सबहि | सबको | to everyone |
| नृप | राजा दशरथ ने | King Dasharatha |
| कीन्हे | किए | performed |
| पूजि | सम्मान करके | having honored them |
| सप्रेम | प्रेमपूर्वक | with love |
| बरासन | उत्तम आसन | fine seats |
| दीन्हे | दिए | gave |
2 चारि लच्छ बर धेनु मगाई। कामसुरभि सम सील सुहाई।।
English explanation
He had four hundred thousand excellent cows brought, gentle and beautiful like the wish-fulfilling cow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चारि | चार | four |
| लच्छ | लाख | hundred thousand |
| बर | उत्तम | excellent |
| धेनु | गायें | cows |
| मगाई | मँगवाईं | had brought |
| कामसुरभि | कामधेनु, इच्छापूर्ति करने वाली दिव्य गाय | the divine wish-fulfilling cow |
| सम | के समान | like |
| सील | सुशील स्वभाव वाली | gentle in disposition |
| सुहाई | सुंदर और मनोहर | beautiful and pleasing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.331
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 316
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 316, 317
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।