बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सबु समाजु एहि भाँति बनाई। जनक अवधपुर दीन्ह पठाई।।
मूल पाठ
सबु समाजु एहि भाँति बनाई। जनक अवधपुर दीन्ह पठाई।।
चलिहि बरात सुनत सब रानीं। बिकल मीनगन जनु लघु पानीं।।
स्रोत अभिलेख 1.334 · पुस्तक पृ. 318, 319
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार सब सामान सजाकर राजा जनकने अयोध्यापुरीको भेज दिया। बारात चलेगी, यह सुनते ही सब रानियाँ ऐसी विकल हो गयीं, मानो थोड़े जलमें मछलियाँ छटपटा रही हों॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 318 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सबु समाजु एहि भाँति बनाई। जनक अवधपुर दीन्ह पठाई।।
English explanation
AI draft: Having made all these arrangements, Janaka sent everything to Ayodhya.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबु | सारा | all |
| समाजु | सामान और व्यवस्था | provisions and arrangements |
| एहि | इस | this |
| भाँति | प्रकार | manner |
| बनाई | तैयार करके | having prepared |
| जनक | राजा जनक ने | King Janaka |
| अवधपुर | अयोध्या नगर को | to the city of Ayodhya |
| दीन्ह | दिया | did |
| पठाई | भेज | send off |
2 चलिहि बरात सुनत सब रानीं। बिकल मीनगन जनु लघु पानीं।।
English explanation
Hearing that the wedding party would depart, all the queens became distressed like fish in scant water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलिहि | चलेगी | will depart |
| बरात | बारात | wedding party |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| सब | सभी | all |
| रानीं | रानियाँ | queens |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| मीनगन | मछलियों का समूह | a shoal of fish |
| जनु | मानो | as though |
| लघु | थोड़े | scant |
| पानीं | पानी में | in water |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.334
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 318
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 318, 319
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।