बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सबु असमंजस अहइ सयानी। यह सुनि अपर कहइ मृदु बानी।।
मूल पाठ
सबु असमंजस अहइ सयानी। यह सुनि अपर कहइ मृदु बानी।।
सखि इन्ह कहँ कोउ कोउ अस कहहीं। बड़ प्रभाउ देखत लघु अहहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.223 · पुस्तक पृ. 219, 220
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे सयानी! सब असमंजस ही है। यह सुनकर दूसरी सखी कोमल वाणीसे कहने लगी— हे सखी! इनके सम्बन्धमें कोई-कोई ऐसा कहते हैं कि ये देखनेमें तो छोटे हैं, पर इनका प्रभाव बहुत बड़ा है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 219 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सबु असमंजस अहइ सयानी। यह सुनि अपर कहइ मृदु बानी।।
English explanation
‘Wise friend, the whole matter is uncertain.’ Hearing this, another woman speaks gently.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबु | सब कुछ | everything |
| असमंजस | अनिश्चय; उलझन | uncertainty; perplexity |
| अहइ | है | is |
| सयानी | हे समझदार सखी | wise friend |
| यह | यह बात | this |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| अपर | दूसरी सखी | another woman |
| कहइ | कहती है | says |
| मृदु | कोमल; मधुर | gentle; sweet |
| बानी | वाणी में | in speech |
2 सखि इन्ह कहँ कोउ कोउ अस कहहीं। बड़ प्रभाउ देखत लघु अहहीं।।
English explanation
‘Friend, some people say this about him: his power is great, though he appears young.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सखि | हे सखी | friend |
| इन्ह | इनके; राम के | him; Rama |
| कहँ | के विषय में | about |
| कोउ | कोई | some |
| कोउ | कोई | people |
| अस | ऐसा | thus |
| कहहीं | कहते हैं | say |
| बड़ | बड़ा | great |
| प्रभाउ | प्रताप; सामर्थ्य | power; might |
| देखत | देखने में | in appearance |
| लघु | छोटे; कम आयु के | young; small |
| अहहीं | हैं | is |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.223
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 219
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 219, 220
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