बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सती सिरोमनि सिय गुनगाथा। सोइ गुन अमल अनूपम पाथा।।
मूल पाठ
सती सिरोमनि सिय गुनगाथा। सोइ गुन अमल अनूपम पाथा।।
भरत सुभाउ सुसीतलताई। सदा एकरस बरनि न जाई।।
स्रोत अभिलेख 1.42 · पुस्तक पृ. 64, 65
भावार्थ
मूल पाठ के बादसती-शिरोमणि श्रीसीताजीके गुणोंकी जो कथा है, वही इस जलका निर्मल और अनुपम गुण है। श्रीभरतजीका स्वभाव इस नदीकी सुन्दर शीतलता है, जो सदा एक-सी रहती है और जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 65 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सती सिरोमनि सिय गुनगाथा। सोइ गुन अमल अनूपम पाथा।।
English explanation
The account of the virtues of Sita, foremost among devoted wives, is this river’s pure water of incomparable qualities.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सती | पतिव्रता स्त्रियों में | among devoted, chaste wives |
| सिरोमनि | सर्वश्रेष्ठ; शिरोमणि | foremost; crowning jewel |
| सिय | सीता | Sita, Rama’s wife |
| गुनगाथा | गुणों की कथा | account of virtues |
| सोइ | वही | that very account |
| गुन | गुण; विशेषताएँ | qualities |
| अमल | निर्मल; मलरहित | pure; unsullied |
| अनूपम | अतुलनीय | incomparable |
| पाथा | जल | water |
2 भरत सुभाउ सुसीतलताई। सदा एकरस बरनि न जाई।।
English explanation
Bharata’s nature is this water’s deep coolness, always unchanged and beyond description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भरत | राम के भाई भरत का | of Bharata, Rama’s brother |
| सुभाउ | स्वभाव | nature; disposition |
| सुसीतलताई | अत्यंत सुखद शीतलता | deep, soothing coolness |
| सदा | हमेशा | always |
| एकरस | एक-सा; अपरिवर्तित | uniform; unchanged |
| बरनि | वर्णन किया | described |
| न | नहीं | not |
| जाई | जा सकता | can be |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.42
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 65
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 64, 65
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