बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सतीं बिलोके ब्योम बिमाना। जात चले सुंदर बिधि नाना।।
मूल पाठ
सतीं बिलोके ब्योम बिमाना। जात चले सुंदर बिधि नाना।।
सुर सुंदरी करहिं कल गाना। सुनत श्रवन छूटहिं मुनि ध्याना।।
स्रोत अभिलेख 1.61 · पुस्तक पृ. 80, 81
भावार्थ
मूल पाठ के बादसतीजीने देखा अनेकों प्रकारके सुन्दर विमान आकाशमें चले जा रहे हैं। देव-सुन्दरियाँ मधुर गान कर रही हैं, जिन्हें सुनकर मुनियोंका ध्यान छूट जाता है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 81 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सतीं बिलोके ब्योम बिमाना। जात चले सुंदर बिधि नाना।।
English explanation
Sati saw beautiful aerial vehicles of many kinds proceeding through the sky.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सतीं | सती ने | Sati, Shiva’s wife, as subject |
| बिलोके | देखे | saw |
| ब्योम | आकाश में | in the sky |
| बिमाना | विमान; दिव्य आकाशयान | celestial aerial vehicles |
| जात | जाते हुए | going |
| चले | आगे बढ़ते हुए | proceeding |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| बिधि | प्रकार के | of kinds |
| नाना | अनेक | many; various |
2 सुर सुंदरी करहिं कल गाना। सुनत श्रवन छूटहिं मुनि ध्याना।।
English explanation
Celestial women were singing sweetly; on hearing it, even sages lost their meditative absorption.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं की; दिव्य | celestial |
| सुंदरी | सुंदर स्त्रियाँ | beautiful women |
| करहिं | करती हैं | perform; do |
| कल | मधुर | sweet; melodious |
| गाना | गान | singing |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| श्रवन | कानों से | with the ears |
| छूटहिं | छूट जाते हैं | are lost; fall away |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| ध्याना | ध्यान; ध्यानावस्था | meditative absorption |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.61
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 81
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 80, 81
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।