बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
किंनर नाग सिद्ध गंधर्बा। बधुन्ह समेत चले सुर सर्बा।।
मूल पाठ
किंनर नाग सिद्ध गंधर्बा। बधुन्ह समेत चले सुर सर्बा।।
बिष्नु बिरंचि महेसु बिहाई। चले सकल सुर जान बनाई।।
स्रोत अभिलेख 1.61 · पुस्तक पृ. 80, 81
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[दक्षका निमन्त्रण पाकर] किन्नर, नाग, सिद्ध, गन्धर्व और सब देवता अपनी-अपनी स्त्रियोंसहित चले। विष्णु, ब्रह्मा और महादेवजीको छोड़कर सभी देवता अपना-अपना विमान सजाकर चले॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 80 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 किंनर नाग सिद्ध गंधर्बा। बधुन्ह समेत चले सुर सर्बा।।
English explanation
AI-draft meaning: Kinnaras, Nagas, perfected beings, celestial musicians, and all the gods set out with their wives.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| किंनर | किन्नर, एक प्रकार के दिव्य प्राणी | Kinnaras, a class of celestial beings |
| नाग | नाग, दिव्य सर्पजाति | Nagas, celestial serpent beings |
| सिद्ध | सिद्धि प्राप्त दिव्य प्राणी | perfected celestial beings |
| गंधर्बा | गंधर्व, दिव्य संगीतकार | Gandharvas, celestial musicians |
| बधुन्ह | अपनी पत्नियों के | their wives |
| समेत | सहित | together with |
| चले | चल पड़े | set out |
| सुर | देवता | gods |
| सर्बा | सभी | all |
2 बिष्नु बिरंचि महेसु बिहाई। चले सकल सुर जान बनाई।।
English explanation
Except for Vishnu, Brahma, and Shiva, all the gods prepared their vehicles and set out.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिष्नु | भगवान विष्णु | Vishnu |
| बिरंचि | ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता | Brahma, the creator |
| महेसु | महेश, शिव | Shiva |
| बिहाई | छोड़कर; इनके अतिरिक्त | excluding; except for |
| चले | चल पड़े | set out |
| सकल | सभी | all |
| सुर | देवता | gods |
| जान | वाहन | vehicles |
| बनाई | तैयार करके | having prepared |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.61
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 80
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 80, 81
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।