बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सगुन सुंगध न जाहिं बखानी। मंगल सकल सजहिं सब रानी।।
मूल पाठ
सगुन सुंगध न जाहिं बखानी। मंगल सकल सजहिं सब रानी।।
रचीं आरतीं बहुत बिधाना। मुदित करहिं कल मंगल गाना।।
स्रोत अभिलेख 1.346 · पुस्तक पृ. 328, 328
भावार्थ
मूल पाठ के बादशकुनकी सुगन्धित वस्तुएँ बखानी नहीं जा सकतीं। सब रानियाँ सम्पूर्ण मङ्गल साज सज रही हैं। बहुत प्रकारकी आरती बनाकर वे आनन्दित हुईं सुन्दर मङ्गलगान कर रही हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 328 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सगुन सुंगध न जाहिं बखानी। मंगल सकल सजहिं सब रानी।।
English explanation
The auspicious signs and fragrances are beyond description; all the queens arrange every auspicious ceremonial item.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सगुन | शुभ संकेत | auspicious signs |
| सुंगध | सुगंध | fragrances |
| न | नहीं | not |
| जाहिं | किए जा सकते | can be |
| बखानी | वर्णित | described |
| मंगल | मंगल-सामग्री | auspicious ceremonial materials |
| सकल | समस्त | all |
| सजहिं | सजाती हैं | arrange |
| सब | सभी | all |
| रानी | रानियाँ | queens |
2 रचीं आरतीं बहुत बिधाना। मुदित करहिं कल मंगल गाना।।
English explanation
They prepared the ceremonial lamps in many ways and joyfully sing melodious songs of auspicious celebration.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रचीं | तैयार कीं; सजाईं | prepared; arranged |
| आरतीं | आरती की सज्जाएँ | ceremonial lamp arrangements |
| बहुत | अनेक | many |
| बिधाना | प्रकार से | in ways |
| मुदित | प्रसन्न होकर | joyfully |
| करहिं | करती हैं | perform |
| कल | मधुर | melodious |
| मंगल | मंगलमय | auspicious |
| गाना | गान | singing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.346
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 328
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 328, 328
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।