बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसे। छबिगन मध्य महाछबि जैसें।।
मूल पाठ
सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसे। छबिगन मध्य महाछबि जैसें।।
कर सरोज जयमाल सुहाई। बिस्व बिजय सोभा जेहिं छाई।।
स्रोत अभिलेख 1.264 · पुस्तक पृ. 255, 255
भावार्थ
मूल पाठ के बादसखियोंके बीचमें सीताजी कैसी शोभित हो रही हैं; जैसे बहुत-सी छबियोंके बीचमें महाछबि हो। करकमलमें सुन्दर जयमाला है, जिसमें विश्वविजयकी शोभा छायी हुई है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 255 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसे। छबिगन मध्य महाछबि जैसें।।
English explanation
AI draft: Among her companions, Sita shines like supreme beauty amid a multitude of beauties.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सखिन्ह | सखियों के | of her female companions |
| मध्य | बीच | amid |
| सिय | सीता | Sita, Janaka’s daughter |
| सोहति | शोभा पाती हैं | shines beautifully |
| कैसे | किस प्रकार | in what way |
| छबिगन | सुंदरताओं के समूह के | of a multitude of beauties |
| मध्य | बीच | amid |
| महाछबि | परम सुंदरता | supreme beauty |
| जैसें | जैसे | as though |
2 कर सरोज जयमाल सुहाई। बिस्व बिजय सोभा जेहिं छाई।।
English explanation
In her lotus-like hands is a lovely victory garland, suffused with the splendor of conquering the world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कर | हाथ | hands |
| सरोज | कमल | lotuses |
| जयमाल | विजय की वरण-माला | victory garland for choosing a bridegroom |
| सुहाई | सुंदर | lovely |
| बिस्व | विश्व | the world |
| बिजय | विजय | conquest |
| सोभा | शोभा | splendor |
| जेहिं | जिसमें | in which |
| छाई | व्याप्त है | is suffused |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.264
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 255
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 255, 255
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।