बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल बरात जनक सनमानी। दान मान बिनती बर बानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजा जनकने दान, मान-सम्मान, विनय और उत्तम वाणीसे सारी बारातका सम्मान किया। ब्रह्मा, विष्णु, शिव, दिक्पाल और सूर्य जो श्रीरघुनाथजीका प्रभाव जानते हैं,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 302 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सकल बरात जनक सनमानी। दान मान बिनती बर बानी।।
बिधि हरि हरु दिसिपति दिनराऊ। जे जानहिं रघुबीर प्रभाऊ।।
स्रोत अभिलेख 1.321 · पुस्तक पृ. 302, 302
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सकल बरात जनक सनमानी। दान मान बिनती बर बानी।।
English explanation
Janaka honored the entire wedding party with gifts, respect, humble requests, and gracious speech.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सारी | entire |
| बरात | बरात का | the wedding party |
| जनक | राजा जनक ने | King Janaka |
| सनमानी | सम्मान किया | honored |
| दान | उपहार देकर | with gifts |
| मान | आदर देकर | with respect |
| बिनती | विनम्र निवेदन से | with humble requests |
| बर | सुंदर; श्रेष्ठ | gracious; excellent |
| बानी | वाणी से | with speech |
2 बिधि हरि हरु दिसिपति दिनराऊ। जे जानहिं रघुबीर प्रभाऊ।।
English explanation
Brahma, Vishnu, Shiva, the guardians of the directions, and the Sun—who know the might and glory of Rama, hero of Raghu’s line—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिधि | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| हरि | विष्णु | Vishnu, the preserver |
| हरु | शिव | Shiva |
| दिसिपति | दिशाओं के अधिपति देवता | divine guardians of the directions |
| दिनराऊ | दिन के राजा सूर्य | the Sun, ruler of the day |
| जे | जो | who |
| जानहिं | जानते हैं | know |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम का | of Rama, hero of Raghu’s line |
| प्रभाऊ | प्रताप; महिमा | might; glory |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.321
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 302
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 302, 302
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।