बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पूजे भूपति सकल बराती। समधि सम सादर सब भाँती।।
मूल पाठ
पूजे भूपति सकल बराती। समधि सम सादर सब भाँती।।
आसन उचित दिए सब काहू। कहौं काह मूख एक उछाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.321 · पुस्तक पृ. 302, 302
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजा जनकजीने सब बरातियोंका समधी दशरथजीके समान ही सब प्रकारसे आदरपूर्वक पूजन किया और सब किसीको उचित आसन दिये। मैं एक मुखसे उस उत्साहका क्या वर्णन करूँ॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 302 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पूजे भूपति सकल बराती। समधि सम सादर सब भाँती।।
English explanation
King Janaka respectfully honored all the wedding guests in every way, treating them like his fellow father-in-law.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूजे | आदर-सत्कार किया | honored |
| भूपति | राजा जनक ने | King Janaka |
| सकल | सभी | all |
| बराती | बरात में आए लोगों का | members of the wedding party |
| समधि | समधी दशरथ के | Dasharatha, his fellow father-in-law |
| सम | समान | like |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| सब | सभी | every |
| भाँती | प्रकार से | in ways; in respects |
2 आसन उचित दिए सब काहू। कहौं काह मूख एक उछाहू।।
English explanation
Everyone was given a suitable seat. How could I describe that joyous excitement with just one mouth!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आसन | बैठने के स्थान | seats |
| उचित | उपयुक्त | suitable |
| दिए | दिए | gave |
| सब | सभी | all |
| काहू | को | to everyone |
| कहौं | मैं वर्णन करूँ | shall I describe |
| काह | क्या; कैसे | what; how |
| मूख | मुख से | with a mouth |
| एक | एक ही | just one |
| उछाहू | उत्साह; आनंदपूर्ण उमंग | joyous excitement |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.321
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 302
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 302, 302
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।