बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संभु सहज समरथ भगवाना। एहि बिबाहँ सब बिधि कल्याना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशिवजी सहज ही समर्थ हैं, क्योंकि वे भगवान् हैं। इसलिये इस विवाहमें सब प्रकार कल्याण है। परन्तु महादेवजीकी आराधना बड़ी कठिन है, फिर भी क्लेश (तप) करनेसे वे बहुत जल्द सन्तुष्ट हो जाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 87 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
संभु सहज समरथ भगवाना। एहि बिबाहँ सब बिधि कल्याना।।
दुराराध्य पै अहहिं महेसू। आसुतोष पुनि किएँ कलेसू।।
स्रोत अभिलेख 1.7 · पुस्तक पृ. 87, 88
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संभु सहज समरथ भगवाना। एहि बिबाहँ सब बिधि कल्याना।।
English explanation
Lord Shiva is inherently powerful; this marriage holds well-being in every respect.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संभु | शंभु; भगवान शिव | Shiva, the benevolent Lord |
| सहज | स्वभाव से ही | inherently |
| समरथ | सामर्थ्यवान | powerful |
| भगवाना | भगवान | the Lord |
| एहि | इस | this |
| बिबाहँ | विवाह में | in the marriage |
| सब | सभी | every |
| बिधि | प्रकार से | respect |
| कल्याना | मंगल; हित | well-being; auspiciousness |
2 दुराराध्य पै अहहिं महेसू। आसुतोष पुनि किएँ कलेसू।।
English explanation
Mahesha is indeed difficult to propitiate, yet he is quickly pleased when one undertakes the hardship of austerity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुराराध्य | जिनकी आराधना कठिन है | difficult to propitiate |
| पै | तो; यद्यपि | indeed; though |
| अहहिं | हैं | is |
| महेसू | महेश; भगवान शिव | Mahesha, Lord Shiva |
| आसुतोष | शीघ्र प्रसन्न होने वाले | quickly pleased |
| पुनि | पर; फिर भी | yet |
| किएँ | उठाने पर | upon undertaking |
| कलेसू | तप का कष्ट | the hardship of austerity |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 87
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 87, 88
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।