बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लोवा फिरि फिरि दरसु देखावा। सुरभी सनमुख सिसुहि पिआवा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दलोमड़ी फिर-फिरकर (बार-बार) दिखायी दे जाती है। गायें सामने खड़ी बछड़ोंको दूध पिलाती हैं। हरिनोंकी टोली [बायीं ओरसे] घूमकर दाहिनी ओरको आयी, मानो सभी मङ्गलोंका समूह दिखायी दिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 286 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
लोवा फिरि फिरि दरसु देखावा। सुरभी सनमुख सिसुहि पिआवा।।
मृगमाला फिरि दाहिनि आई। मंगल गन जनु दीन्हि देखाई।।
स्रोत अभिलेख 1.303 · पुस्तक पृ. 286, 286
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लोवा फिरि फिरि दरसु देखावा। सुरभी सनमुख सिसुहि पिआवा।।
English explanation
A fox repeatedly comes into view. Ahead, a cow nurses her calf.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लोवा | लोमड़ी | fox |
| फिरि | फिर | again |
| फिरि | फिर | again |
| दरसु | दर्शन; झलक | sight; glimpse |
| देखावा | दिखाती है | shows herself |
| सुरभी | गाय | cow |
| सनमुख | सामने | ahead; in front |
| सिसुहि | अपने बछड़े को | her calf |
| पिआवा | दूध पिलाती है | nurses |
2 मृगमाला फिरि दाहिनि आई। मंगल गन जनु दीन्हि देखाई।।
English explanation
A herd of deer turns and comes to the right, as though a whole host of auspicious blessings has appeared.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मृगमाला | हिरनों का झुंड | herd of deer |
| फिरि | मुड़कर | turning |
| दाहिनि | दाहिनी ओर | to the right |
| आई | आया | came |
| मंगल | मंगलों का | of auspicious blessings |
| गन | समूह | host; multitude |
| जनु | मानो | as though |
| दीन्हि | दे दिया | gave |
| देखाई | दर्शन; दिखाई देना | an appearance; a sight |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.303
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 286
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 286, 286
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।