बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लखन सकोप बचन जे बोले। डगमगानि महि दिग्गज डोले।।
मूल पाठ
लखन सकोप बचन जे बोले। डगमगानि महि दिग्गज डोले।।
सकल लोक सब भूप डेराने। सिय हियँ हरषु जनकु सकुचाने।।
स्रोत अभिलेख 1.254 · पुस्तक पृ. 246, 247
भावार्थ
मूल पाठ के बादज्यों ही लक्ष्मणजी क्रोधभरे वचन बोले कि पृथ्वी डगमगा उठी और दिशाओंके हाथी काँप गये। सभी लोग और सब राजा डर गये। सीताजीके हृदयमें हर्ष हुआ और जनकजी सकुचा गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 246 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 लखन सकोप बचन जे बोले। डगमगानि महि दिग्गज डोले।।
English explanation
AI draft: At Lakshmana’s angry words, the earth tottered and the elephants supporting the directions shook.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखन | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| सकोप | क्रोध सहित | with anger |
| बचन | वचन | words |
| जे | जो | which |
| बोले | कहे | spoke |
| डगमगानि | डगमगा गई | tottered |
| महि | पृथ्वी | the earth |
| दिग्गज | दिशाओं को धारण करने वाले हाथी | the elephants supporting the directions |
| डोले | डोल उठे | shook |
2 सकल लोक सब भूप डेराने। सिय हियँ हरषु जनकु सकुचाने।।
English explanation
All the people and kings were frightened. Sita felt joy in her heart, while Janaka became uneasy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सभी | all |
| लोक | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| भूप | राजा | kings |
| डेराने | डर गए | became frightened |
| सिय | सीता के | Sita’s |
| हियँ | हृदय में | in the heart |
| हरषु | हर्ष | joy |
| जनकु | राजा जनक | King Janaka |
| सकुचाने | संकोच में पड़ गए | became uneasy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.254
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 246
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 246, 247
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।