बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लखन कहेउ मुनि सुजस तुम्हारा। तुम्हहि अछत को बरनै पारा।।
मूल पाठ
लखन कहेउ मुनि सुजस तुम्हारा। तुम्हहि अछत को बरनै पारा।।
अपने मुँह तुम्ह आपनि करनी। बार अनेक भाँति बहु बरनी।।
स्रोत अभिलेख 1.274 · पुस्तक पृ. 262, 263
भावार्थ
मूल पाठ के बादलक्ष्मणजीने कहा—हे मुनि! आपका सुयश आपके रहते दूसरा कौन वर्णन कर सकता है? आपने अपने ही मुँहसे अपनी करनी अनेकों बार बहुत प्रकारसे वर्णन की है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 263 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लखन कहेउ मुनि सुजस तुम्हारा। तुम्हहि अछत को बरनै पारा।।
English explanation
Lakshmana said, ‘Sage, while you yourself are present, who else could describe your glorious reputation?’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखन | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| कहेउ | कहा | said |
| मुनि | हे मुनि, परशुराम! | O sage Parashurama! |
| सुजस | सुयश; अच्छी कीर्ति | glorious reputation |
| तुम्हारा | आपका | your |
| तुम्हहि | आप ही के | you yourself |
| अछत | रहते; उपस्थित होते | being present |
| को | कौन | who |
| बरनै | वर्णन कर | describe |
| पारा | सकता है | could |
2 अपने मुँह तुम्ह आपनि करनी। बार अनेक भाँति बहु बरनी।।
English explanation
You have described your own deeds with your own mouth many times and in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अपने | अपने ही | your own |
| मुँह | मुँह से | with your mouth |
| तुम्ह | आपने | you |
| आपनि | अपनी | your own |
| करनी | करनी; किए हुए कार्य | deeds; what you have done |
| बार | बार | times |
| अनेक | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| बहु | बहुत; अनेक | many |
| बरनी | वर्णन किया है | have described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.274
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 263
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 262, 263
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