बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लखन कहा हँसि हमरें जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।।
मूल पाठ
लखन कहा हँसि हमरें जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।।
का छति लाभु जून धनु तौरें। देखा राम नयन के भोरें।।
स्रोत अभिलेख 1.272 · पुस्तक पृ. 261, 261
भावार्थ
मूल पाठ के बादलक्ष्मणजीने हँसकर कहा—हे देव! सुनिये, हमारे जानमें तो सभी धनुष एक-से ही हैं। पुराने धनुषके तोडऩेमें क्या हानि-लाभ! श्रीरामचन्द्रजीने तो इसे नवीनके धोखेसे देखा था॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 261 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 लखन कहा हँसि हमरें जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।।
English explanation
AI-generated draft: Lakshmana laughed and said, “Listen, revered sir; in my understanding, all bows are alike.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लखन | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| कहा | कहा | said |
| हँसि | हँसकर | laughing |
| हमरें | मेरी समझ में | in my understanding |
| जाना | जानने के अनुसार | as understood |
| सुनहु | सुनिए | listen |
| देव | हे आदरणीय देव | O revered sir |
| सब | सभी | all |
| धनुष | धनुष | bows |
| समाना | समान हैं | are alike |
2 का छति लाभु जून धनु तौरें। देखा राम नयन के भोरें।।
English explanation
“What loss or gain is there in breaking an old bow? Rama looked at it innocently.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| का | क्या | what |
| छति | हानि | loss |
| लाभु | लाभ | gain |
| जून | पुराना | old |
| धनु | धनुष | bow |
| तौरें | तोड़ने से | by breaking |
| देखा | देखा | looked at |
| राम | राम ने | Rama |
| नयन | आँखों | eyes |
| के | के | of |
| भोरें | भोलेपन से | with innocence |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.272
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 261
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 261, 261
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।