बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रेख कुलिस धवज अंकुर सोहे। नूपुर धुनि सुनि मुनि मन मोहे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[चरणतलोंमें] वज्र, ध्वजा और अङ्क ु शके चिह्न शोभित हैं। नूपुर (पैंजनी) की ध्वनि सुनकर मुनियोंका भी मन मोहित हो जाता है। कमरमें करधनी और पेटपर तीन रेखाएँ (त्रिवली) हैं। नाभिकी गम्भीरताको तो वही जानते हैं जिन्होंने उसे देखा है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 198 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रेख कुलिस धवज अंकुर सोहे। नूपुर धुनि सुनि मुनि मन मोहे।।
कटि किंकिनी उदर त्रय रेखा। नाभि गभीर जान जेहि देखा।।
स्रोत अभिलेख 1.199 · पुस्तक पृ. 198, 199
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रेख कुलिस धवज अंकुर सोहे। नूपुर धुनि सुनि मुनि मन मोहे।।
English explanation
Marks of a thunderbolt, a flag, and a ‘sprout’ adorn his feet; hearing the anklets, sages' hearts are enchanted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रेख | रेखाएँ या चिह्न | lines or marks |
| कुलिस | वज्र | thunderbolt |
| धवज | ध्वज | flag |
| अंकुर | अंकुर का चिह्न | a sprout-shaped mark |
| सोहे | शोभित हैं | are resplendent |
| नूपुर | पायल | anklets |
| धुनि | ध्वनि | sound |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| मन | मन | hearts |
| मोहे | मोहित होते हैं | are enchanted |
2 कटि किंकिनी उदर त्रय रेखा। नाभि गभीर जान जेहि देखा।।
English explanation
A belt of little bells encircles his waist, and three folds mark his belly. His navel is deep—one who has seen it knows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कटि | कमर पर | at the waist |
| किंकिनी | छोटी घंटियों वाली करधनी | a girdle of little bells |
| उदर | पेट पर | on the belly |
| त्रय | तीन | three |
| रेखा | रेखाएँ या वलियाँ | lines or folds |
| नाभि | नाभि | navel |
| गभीर | गहरी | deep |
| जान | जानता है | knows |
| जेहि | जिसने | whoever |
| देखा | देखा है | has seen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.199
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 198
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 198, 199
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।