बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रूप बिसेष नाम बिनु जानें। करतल गत न परहिं पहिचानें।।
मूल पाठ
रूप बिसेष नाम बिनु जानें। करतल गत न परहिं पहिचानें।।
सुमिरिअ नाम रूप बिनु देखें। आवत हृदयँ सनेह बिसेषें।।
स्रोत अभिलेख 1.21 · पुस्तक पृ. 43, 43
भावार्थ
मूल पाठ के बादकोई-सा विशेष रूप बिना उसका नाम जाने हथेलीपर रखा हुआ भी पहचाना नहीं जा सकता और रूपके बिना देखे भी नामका स्मरण किया जाय तो विशेष प्रेमके साथ वह रूप हृदयमें आ जाता है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 43 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रूप बिसेष नाम बिनु जानें। करतल गत न परहिं पहिचानें।।
English explanation
Without knowing its name, even a particular form resting in the palm cannot be recognized.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रूप | रूप; वस्तु का स्वरूप | form; an object’s appearance |
| बिसेष | विशेष; विशिष्ट | particular; specific |
| नाम | उसका नाम | its name |
| बिनु | बिना | without |
| जानें | जाने | knowing |
| करतल | हथेली में | in the palm |
| गत | स्थित; रखा हुआ | situated; resting |
| न | नहीं | not |
| परहिं | आते हैं; पड़ते हैं | come to be |
| पहिचानें | पहचाने हुए; पहचान में | recognized; within recognition |
2 सुमिरिअ नाम रूप बिनु देखें। आवत हृदयँ सनेह बिसेषें।।
English explanation
If the name is remembered even without seeing the form, that form comes into the heart with particular affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमिरिअ | स्मरण किया जाए | let it be remembered |
| नाम | नाम का | the name |
| रूप | रूप को | the form |
| बिनु | बिना | without |
| देखें | देखे | seeing |
| आवत | आता है | comes |
| हृदयँ | हृदय में | into the heart |
| सनेह | प्रेम के साथ | with affection |
| बिसेषें | विशेष रूप से; विशेष मात्रा में | especially; in a special measure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.21
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 43
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 43, 43
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।