बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रिस उर मारि रंक जिमि राजा। बिपिन बसइ तापस कें साजा।।
मूल पाठ
रिस उर मारि रंक जिमि राजा। बिपिन बसइ तापस कें साजा।।
तासु समीप गवन नृप कीन्हा। यह प्रतापरबि तेहि तब चीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.158 · पुस्तक पृ. 163, 163
भावार्थ
मूल पाठ के बाददरिद्रकी भाँति मनहीमें क्रोधको मारकर वह राजा तपस्वीके वेषमें वनमें रहता था। राजा (प्रतापभानु) उसीके पास गया। उसने तुरंत पहचान लिया कि यह प्रतापभानु है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 163 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 रिस उर मारि रंक जिमि राजा। बिपिन बसइ तापस कें साजा।।
English explanation
Suppressing his anger within his heart, that king lived in the forest like a pauper, dressed as an ascetic.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिस | क्रोध | anger |
| उर | हृदय में | in his heart |
| मारि | दबाकर | suppressing |
| रंक | निर्धन व्यक्ति | a pauper |
| जिमि | की तरह | like |
| राजा | वह राजा | that king |
| बिपिन | वन में | in the forest |
| बसइ | रहता है | dwells |
| तापस | तपस्वी | an ascetic |
| कें | के | of |
| साजा | वेश में | in the attire |
2 तासु समीप गवन नृप कीन्हा। यह प्रतापरबि तेहि तब चीन्हा।।
English explanation
King Pratapabhanu approached him. He then recognized that this was Pratapabhanu.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसके | of him |
| समीप | पास | near |
| गवन | जाना | going |
| नृप | राजा प्रतापभानु ने | King Pratapabhanu |
| कीन्हा | किया | undertook |
| यह | यह व्यक्ति | this person |
| प्रतापरबि | राजा प्रतापभानु | King Pratapabhanu |
| तेहि | उसने | he |
| तब | तब | then |
| चीन्हा | पहचान लिया | recognized |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.158
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 163
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 163, 163
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।