बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम सकुल रन रावनु मारा। सीय सहित निज पुर पगु धारा।।
मूल पाठ
राम सकुल रन रावनु मारा। सीय सहित निज पुर पगु धारा।।
राजा रामु अवध रजधानी। गावत गुन सुर मुनि बर बानी।।
सेवक सुमिरत नामु सप्रीती। बिनु श्रम प्रबल मोह दलु जीती।।
फिरत सनेहँ मगन सुख अपनें। नाम प्रसाद सोच नहिं सपनें।।
स्रोत अभिलेख 1.25 · पुस्तक पृ. 46, 47
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने कुटुम्बसहित रावणको युद्धमें मारा, तब सीतासहित उन्होंने अपने नगर (अयोध्या)में प्रवेश किया। राम राजा हुए, अवध उनकी राजधानी हुई, देवता और मुनि सुन्दर वाणीसे जिनके गुण गाते हैं। परंतु सेवक (भक्त) प्रेमपूर्वक नामके स्मरणमात्रसे बिना परिश्रम मोहकी प्रबल सेनाको जीतकर प्रेममें मग्न हुए अपने ही सुखमें विचरते हैं, नामके प्रसादसे उन्हें सपनेमें भी कोई चिन्ता नहीं सताती॥ ३-४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 47 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राम सकुल रन रावनु मारा। सीय सहित निज पुर पगु धारा।।
English explanation
Rama slew Ravana together with his clan in battle and entered his own city with Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| सकुल | उसके कुल सहित | together with his clan |
| रन | युद्ध में | in battle |
| रावनु | रावण को | Ravana, king of Lanka |
| मारा | मार डाला | slew |
| सीय | सीता | Sita |
| सहित | के साथ | with |
| निज | अपनी | his own |
| पुर | नगरी में | in the city |
| पगु | पाँव | foot |
| धारा | रखा | set |
2 राजा रामु अवध रजधानी। गावत गुन सुर मुनि बर बानी।।
English explanation
Rama is king, with Ayodhya as his capital; gods and sages sing his virtues in noble speech.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राजा | राजा हैं | is king |
| रामु | श्रीराम | Rama |
| अवध | अयोध्या | Ayodhya |
| रजधानी | राजधानी है | is the capital |
| गावत | गाते हैं | sing |
| गुन | उनके गुण | his virtues |
| सुर | देवता | gods |
| मुनि | मुनि | sages |
| बर | श्रेष्ठ; सुंदर | noble; beautiful |
| बानी | वाणी में | in speech |
3 सेवक सुमिरत नामु सप्रीती। बिनु श्रम प्रबल मोह दलु जीती।।
English explanation
Devotees lovingly remember Rama’s name and effortlessly conquer the mighty army of delusion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सेवक | भक्त; सेवक | devotees; servants |
| सुमिरत | स्मरण करते हुए | remembering |
| नामु | राम का नाम | Rama’s name |
| सप्रीती | प्रेम सहित | with love |
| बिनु | बिना | without |
| श्रम | परिश्रम | effort |
| प्रबल | बलवान | mighty |
| मोह | मोह की | of delusion |
| दलु | सेना | army |
| जीती | जीत लेते हैं | conquer |
4 फिरत सनेहँ मगन सुख अपनें। नाम प्रसाद सोच नहिं सपनें।।
English explanation
They go about immersed in love and their own bliss; through the name’s grace, they have no anxiety even in dreams.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिरत | विचरते हैं | go about |
| सनेहँ | प्रेम में | in love |
| मगन | डूबे हुए | absorbed |
| सुख | सुख में | in bliss |
| अपनें | अपने | their own |
| नाम | राम के नाम की | of Rama’s name |
| प्रसाद | कृपा से | through grace |
| सोच | चिंता | anxiety |
| नहिं | नहीं | none |
| सपनें | स्वप्न में भी | even in dreams |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 47
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 46, 47
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।