बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम बचन सुनि कछुक जुड़ाने। कहि कछु लखनु बहुरि मुसकाने।।
मूल पाठ
राम बचन सुनि कछुक जुड़ाने। कहि कछु लखनु बहुरि मुसकाने।।
हँसत देखि नख सिख रिस ब्यापी। राम तोर भ्राता बड़ पापी।।
स्रोत अभिलेख 1.277 · पुस्तक पृ. 265, 266
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीके वचन सुनकर वे कुछ ठंडे पड़े। इतनेमें लक्ष्मणजी कुछ कहकर फिर मुसकरा दिये। उनको हँसते देखकर परशुरामजीके नखसे शिखातक (सारे शरीरमें) क्रोध छा गया। उन्होंने कहा—हे राम! तेरा भाई बड़ा पापी है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 265 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राम बचन सुनि कछुक जुड़ाने। कहि कछु लखनु बहुरि मुसकाने।।
English explanation
Hearing Rama's words, Parashurama calmed somewhat. Lakshmana said something and smiled again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम के | Rama's |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| कछुक | कुछ, थोड़ा | somewhat |
| जुड़ाने | शांत हुए; परशुराम | cooled down; Parashurama |
| कहि | कहकर | having said |
| कछु | कुछ | something |
| लखनु | लक्ष्मण, राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama's younger brother |
| बहुरि | फिर | again |
| मुसकाने | मुसकराए | smiled |
2 हँसत देखि नख सिख रिस ब्यापी। राम तोर भ्राता बड़ पापी।।
English explanation
Seeing Lakshmana laugh, anger swept through Parashurama from toe to crown. He said, 'Rama, your brother is very sinful.'
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हँसत | हँसते हुए | laughing |
| देखि | देखकर | seeing |
| नख | पैरों के नख से | from the toenails |
| सिख | सिर की चोटी तक | to the crown of the head |
| रिस | क्रोध | anger |
| ब्यापी | फैल गया | spread throughout |
| राम | हे राम | O Rama |
| तोर | तुम्हारा | your |
| भ्राता | भाई | brother |
| बड़ | बहुत बड़ा | very great; intensely |
| पापी | पापी | sinful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.277
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 265
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 265, 266
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।