बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गौर सरीर स्याम मन माहीं। कालकूटमुख पयमुख नाहीं।।
मूल पाठ
गौर सरीर स्याम मन माहीं। कालकूटमुख पयमुख नाहीं।।
सहज टेढ़ अनुहरइ न तोही। नीचु मीचु सम देख न मौहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.277 · पुस्तक पृ. 265, 266
भावार्थ
मूल पाठ के बादयह शरीरसे गोरा, पर हृदयका बड़ा काला है। यह विषमुख है, दुधमुँहा नहीं। स्वभावसे ही टेढ़ा है, तेरा अनुसरण नहीं करता (तेरे-जैसा शीलवान् नहीं है)। यह नीच मुझे कालके समान नहीं देखता॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 265 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गौर सरीर स्याम मन माहीं। कालकूटमुख पयमुख नाहीं।।
English explanation
His body is fair, but his heart is dark within. His mouth holds deadly poison, not a child's milk.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गौर | गोरा | fair in complexion |
| सरीर | शरीर | body |
| स्याम | काला; यहाँ कुटिल | dark; here malicious |
| मन | मन | heart, mind |
| माहीं | के भीतर | within |
| कालकूटमुख | मुख में कालकूट जैसा घातक विष रखने वाला | having deadly poison in his mouth |
| पयमुख | दूधमुँहा बच्चा | a milk-fed little child |
| नाहीं | नहीं है | is not |
2 सहज टेढ़ अनुहरइ न तोही। नीचु मीचु सम देख न मौहीं।।
English explanation
He is crooked by nature and does not resemble you. This base fellow does not regard me as death itself.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहज | स्वभाव से | by nature |
| टेढ़ | टेढ़ा, कुटिल | crooked, perverse |
| अनुहरइ | समान है, अनुसरण करता है | resembles, takes after |
| न | नहीं | not |
| तोही | तुम्हारे; राम के | you, Rama |
| नीचु | नीच व्यक्ति | this base fellow |
| मीचु | मृत्यु | death |
| सम | के समान | as, like |
| देख | देखता, मानता है | regards |
| न | नहीं | not |
| मौहीं | मुझे; परशुराम को | me, Parashurama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.277
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 265
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 265, 266
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