बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम एक तापस तिय तारी। नाम कोटि खल कुमति सुधारी।।
मूल पाठ
राम एक तापस तिय तारी। नाम कोटि खल कुमति सुधारी।।
रिषि हित राम सुकेतुसुता की। सहित सेन सुत कीन्ह बिबाकी।।
सहित दोष दुख दास दुरासा। दलइ नामु जिमि रबि निसि नासा।।
भंजेउ राम आपु भव चापू। भव भय भंजन नाम प्रतापू।।
स्रोत अभिलेख 1.24 · पुस्तक पृ. 45, 46
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामजीने एक तपस्वीकी स्त्री (अहल्या) को ही तारा, परन्तु नामने करोड़ों दुष्टोंकी बिगड़ी बुद्धिको सुधार दिया। श्रीरामजीने ऋषि विश्वामित्रके हितके लिये एक सुकेतु यक्षकी कन्या ताड़काकी सेना और पुत्र (सुबाहु) सहित समाप्ति की; परन्तु नाम अपने भक्तोंके दोष, दु:ख और दुराशाओंका इस तरह नाश कर देता है जैसे सूर्य रात्रिका। श्रीरामजीने तो स्वयं शिवजीके धनुषको तोड़ा, परन्तु नामका प्रताप ही संसारके सब भयोंका नाश करनेवाला है॥ २-३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 46 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 राम एक तापस तिय तारी। नाम कोटि खल कुमति सुधारी।।
English explanation
Rama delivered Ahalya, a sage’s wife; his name reformed the corrupt understanding of countless wicked people.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| एक | एक | one |
| तापस | तपस्वी की | of a sage |
| तिय | पत्नी अहल्या को | wife, Ahalya |
| तारी | उद्धार किया | delivered |
| नाम | राम के नाम ने | Rama’s name |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions |
| खल | दुष्टों की | of wicked people |
| कुमति | दूषित बुद्धि | corrupt understanding |
| सुधारी | सुधार दी | reformed |
2 रिषि हित राम सुकेतुसुता की। सहित सेन सुत कीन्ह बिबाकी।।
English explanation
For the sage’s welfare, Rama destroyed Tataka, Suketu’s daughter, and vanquished her sons along with their forces.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रिषि | ऋषि विश्वामित्र के | of the sage Vishvamitra |
| हित | हित के लिए | for the welfare |
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| सुकेतुसुता | सुकेतु की पुत्री ताड़का को | Tataka, daughter of Suketu |
| की | किया | made |
| सहित | सहित | together with |
| सेन | सेना | the army |
| सुत | उसके पुत्रों को | her sons |
| कीन्ह | कर दिया | rendered |
| बिबाकी | नष्ट या समाप्त | destroyed or finished |
3 सहित दोष दुख दास दुरासा। दलइ नामु जिमि रबि निसि नासा।।
English explanation
Rama’s name destroys the devotee’s misguided desires, together with faults and suffering, just as the sun dispels the night.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहित | साथ-साथ | together with |
| दोष | दोषों | faults |
| दुख | दुखों | suffering |
| दास | सेवक की | the devotee’s |
| दुरासा | बुरी आशाओं को | misguided desires |
| दलइ | नष्ट करता है | destroys |
| नामु | राम का नाम | Rama’s name |
| जिमि | जैसे | just as |
| रबि | सूर्य | the sun |
| निसि | रात का | of the night |
| नासा | नाश करता है | brings an end |
4 भंजेउ राम आपु भव चापू। भव भय भंजन नाम प्रतापू।।
English explanation
Rama himself broke Shiva’s bow; the power of his name destroys the fear of worldly existence.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भंजेउ | तोड़ा | broke |
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| आपु | स्वयं | himself |
| भव | शिव का | Shiva’s |
| चापू | धनुष | bow |
| भव | संसार-बंधन का | of worldly existence |
| भय | भय | fear |
| भंजन | नष्ट करने वाला | destroying |
| नाम | राम के नाम का | of Rama’s name |
| प्रतापू | प्रभाव | power |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 46
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 45, 46
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।