बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दंडक बनु प्रभु कीन्ह सुहावन। जन मन अमित नाम किए पावन।।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दप्रभु श्रीरामजीने [भयानक] दण्डक वनको सुहावना बनाया, परन्तु नामने असंख्य मनुष्योंके मनोंको पवित्र कर दिया। श्रीरघुनाथजीने राक्षसोंके समूहको मारा, परन्तु नाम तो कलियुगके सारे पापोंकी जड़ उखाडऩेवाला है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 46 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दंडक बनु प्रभु कीन्ह सुहावन। जन मन अमित नाम किए पावन।।।
निसिचर निकर दले रघुनंदन। नामु सकल कलि कलुष निकंदन।।
स्रोत अभिलेख 1.24 · पुस्तक पृ. 45, 46
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 दंडक बनु प्रभु कीन्ह सुहावन। जन मन अमित नाम किए पावन।।।
English explanation
Lord Rama made the Dandaka forest beautiful; his name purified the minds of countless people.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दंडक | दंडक नामक | called Dandaka |
| बनु | वन | forest |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| कीन्ह | बनाया | made |
| सुहावन | सुंदर और सुखद | beautiful and pleasant |
| जन | लोगों के | of people |
| मन | मन | minds |
| अमित | असंख्य | countless |
| नाम | राम के नाम ने | Rama’s name |
| किए | किए | made |
| पावन | पवित्र | pure |
2 निसिचर निकर दले रघुनंदन। नामु सकल कलि कलुष निकंदन।।
English explanation
Rama, the delight of Raghu’s lineage, destroyed hosts of demons; his name uproots all the impurities of the age of Kali.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निसिचर | राक्षसों के | of demons |
| निकर | समूह | hosts |
| दले | संहार किए | destroyed |
| रघुनंदन | रघुवंश के आनंद राम ने | Rama, delight of Raghu’s lineage |
| नामु | राम का नाम | Rama’s name |
| सकल | समस्त | all |
| कलि | कलियुग के | of the age of Kali |
| कलुष | पाप और मलिनता | sins and impurities |
| निकंदन | जड़ से मिटाने वाला | uprooting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 46
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 45, 46
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।