बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामहि लखनु बिलोकत कैसें। ससिहि चकोर किसोरकु जैसें।।
मूल पाठ
रामहि लखनु बिलोकत कैसें। ससिहि चकोर किसोरकु जैसें।।
सतानंद तब आयसु दीन्हा। सीताँ गमनु राम पहिं कीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.263 · पुस्तक पृ. 254, 254
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामजीको लक्ष्मणजी किस प्रकार देख रहे हैं, जैसे चन्द्रमाको चकोरका बच्चा देख रहा हो। तब शतानन्दजीने आज्ञा दी और सीताजीने श्रीरामजीके पास गमन किया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 254 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रामहि लखनु बिलोकत कैसें। ससिहि चकोर किसोरकु जैसें।।
English explanation
How does Lakshmana gaze at Rama? Like a young chakora bird gazing at the moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामहि | राम को | at Rama |
| लखनु | लक्ष्मण; राम के छोटे भाई | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| बिलोकत | देख रहे हैं | is gazing |
| कैसें | कैसे | how |
| ससिहि | चंद्रमा को | at the moon |
| चकोर | चकोर पक्षी का | of the chakora bird |
| किसोरकु | छोटा बच्चा | young chick |
| जैसें | जैसे | just as |
2 सतानंद तब आयसु दीन्हा। सीताँ गमनु राम पहिं कीन्हा।।
English explanation
Then Shatananda gave permission, and Sita proceeded toward Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सतानंद | शतानंद; जनक के पुरोहित | Shatananda, Janaka’s priest |
| तब | तब | then |
| आयसु | आज्ञा | permission |
| दीन्हा | दी | gave |
| सीताँ | सीता ने | Sita |
| गमनु | प्रस्थान, चलना | movement, proceeding |
| राम | राम | Rama |
| पहिं | के पास, की ओर | toward, to |
| कीन्हा | किया | made |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.263
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 254
- सहायक विषय
- धनुषभंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 254, 254
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।