बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामहि देखि बरात जुड़ानी। प्रीति कि रीति न जाति बखानी।।
मूल पाठ
रामहि देखि बरात जुड़ानी। प्रीति कि रीति न जाति बखानी।।
नृप समीप सोहहिं सुत चारी। जनु धन धरमादिक तनुधारी।।
स्रोत अभिलेख 1.309 · पुस्तक पृ. 290, 291
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीको देखकर बारात शीतल हुई (रामके वियोगमें सबके हृदयमें जो आग जल रही थी, वह शान्त हो गयी)। प्रीतिकी रीतिका बखान नहीं हो सकता। राजाके पास चारों पुत्र ऐसी शोभा पा रहे हैं मानो अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष शरीर धारण किये हुए हों॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 290 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रामहि देखि बरात जुड़ानी। प्रीति कि रीति न जाति बखानी।।
English explanation
AI-draft interpretation: Seeing Rama, the wedding party felt soothed and delighted. The ways of love cannot be described.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामहि | राम को | Rama, as the object of seeing |
| देखि | देखकर | having seen |
| बरात | विवाह की बरात | the wedding party |
| जुड़ानी | शीतल और प्रसन्न हुई | felt soothed and delighted |
| प्रीति | प्रेम | love |
| कि | की | of |
| रीति | रीति; स्वभाव | ways; nature |
| न | नहीं | not |
| जाति | की जा सकती | can be |
| बखानी | वर्णित | described |
2 नृप समीप सोहहिं सुत चारी। जनु धन धरमादिक तनुधारी।।
English explanation
The four sons shine beside King Dasharatha, as though wealth, righteousness, and the other aims of life had taken bodily form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृप | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| समीप | पास | beside |
| सोहहिं | शोभित हैं | shine splendidly |
| सुत | पुत्र | sons |
| चारी | चारों | all four |
| जनु | मानो | as though |
| धन | धन; अर्थ-पुरुषार्थ | wealth, the aim of material prosperity |
| धरमादिक | धर्म आदि पुरुषार्थ | righteousness and the other aims of life |
| तनुधारी | शरीर धारण किए हुए | embodied |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.309
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 290
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 290, 291
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।