बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामरूप राकेसु निहारी। बढ़त बीचि पुलकावलि भारी।।
मूल पाठ
रामरूप राकेसु निहारी। बढ़त बीचि पुलकावलि भारी।।
बाजे नभ गहगहे निसाना। देवबधू नाचहिं करि गाना।।
स्रोत अभिलेख 1.262 · पुस्तक पृ. 253, 254
भावार्थ
मूल पाठ के बादरामरूपी पूर्णचन्द्रको देखकर पुलकावलीरूपी भारी लहरें बढऩे लगीं। आकाशमें बड़े जोरसे नगाड़े बजने लगे और देवाङ्गनाएँ गान करके नाचने लगीं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 253 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रामरूप राकेसु निहारी। बढ़त बीचि पुलकावलि भारी।।
English explanation
Seeing Rama as the full moon, that ocean's waves rise like dense rows of hairs standing on end in joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामरूप | राम के रूप में | in the form of Rama |
| राकेसु | पूर्णिमा का चंद्रमा | the full moon |
| निहारी | देखकर | beholding |
| बढ़त | बढ़ रही हैं | are rising |
| बीचि | लहरें | waves |
| पुलकावलि | रोमांच की पंक्तियाँ | rows of hairs standing on end |
| भारी | घनी और प्रबल | dense and abundant |
2 बाजे नभ गहगहे निसाना। देवबधू नाचहिं करि गाना।।
English explanation
Kettledrums resounded loudly in the sky. Celestial women danced while singing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बाजे | बजने लगे | began sounding |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| गहगहे | जोर-जोर से गूँजते हुए | with loud reverberation |
| निसाना | नगाड़े | kettledrums |
| देवबधू | देवांगनाएँ | celestial women |
| नाचहिं | नाचती हैं | dance |
| करि | करते हुए | while performing |
| गाना | गान | singing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.262
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 253
- सहायक विषय
- धनुषभंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 253, 254
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।