बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रभु दोउ चापखंड महि डारे। देखि लोग सब भए सुखारे।।
मूल पाठ
प्रभु दोउ चापखंड महि डारे। देखि लोग सब भए सुखारे।।
कोसिकरुप पयोनिधि पावन। प्रेम बारि अवगाहु सुहावन।।
स्रोत अभिलेख 1.262 · पुस्तक पृ. 253, 254
भावार्थ
मूल पाठ के बादप्रभुने धनुषके दोनों टुकड़े पृथ्वीपर डाल दिये। यह देखकर सब लोग सुखी हुए। विश्वामित्ररूपी पवित्र समुद्रमें, जिसमें प्रेमरूपी सुन्दर अथाह जल भरा है,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 253 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 प्रभु दोउ चापखंड महि डारे। देखि लोग सब भए सुखारे।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: Lord Rama dropped both pieces of the bow onto the ground. Seeing this, everyone became happy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| दोउ | दोनों | both |
| चापखंड | धनुष के खंड | pieces of the bow |
| महि | धरती पर | onto the ground |
| डारे | डाल दिए | dropped |
| देखि | देखकर | seeing this |
| लोग | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| भए | हो गए | became |
| सुखारे | सुखी | happy |
2 कोसिकरुप पयोनिधि पावन। प्रेम बारि अवगाहु सुहावन।।
English explanation
Vishvamitra is pictured as a sacred ocean whose water is love and in which immersion is delightful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोसिकरुप | कौशिक अर्थात विश्वामित्र के रूप में | in the form of Vishvamitra, the sage of Kushika's lineage |
| पयोनिधि | समुद्र | ocean |
| पावन | पवित्र | sacred |
| प्रेम | प्रेम | love |
| बारि | जल | water |
| अवगाहु | डुबकी लगाना; अवगाहन | immersion; bathing in it |
| सुहावन | सुखद और मनोहर | delightful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.262
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 253
- सहायक विषय
- धनुषभंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 253, 254
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।