बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ब्रह्मादिक सुर सिद्ध मुनीसा। प्रभुहि प्रसंसहि देहिं असीसा।।
मूल पाठ
ब्रह्मादिक सुर सिद्ध मुनीसा। प्रभुहि प्रसंसहि देहिं असीसा।।
बरिसहिं सुमन रंग बहु माला। गावहिं किंनर गीत रसाला।।
स्रोत अभिलेख 1.262 · पुस्तक पृ. 253, 254
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्रह्मा आदि देवता, सिद्ध और मुनीश्वरलोग प्रभुकी प्रशंसा कर रहे हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं। वे रंग-बिरंगे फूल और मालाएँ बरसा रहे हैं। किन्नरलोग रसीले गीत गा रहे हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 253 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 ब्रह्मादिक सुर सिद्ध मुनीसा। प्रभुहि प्रसंसहि देहिं असीसा।।
English explanation
The gods headed by Brahma, perfected beings, and great sages praise Lord Rama and give him blessings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्मादिक | ब्रह्मा आदि | Brahma and others |
| सुर | देवता | gods |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | perfected beings |
| मुनीसा | श्रेष्ठ मुनि | great sages |
| प्रभुहि | प्रभु राम की; प्रभु राम को | Lord Rama, as the recipient |
| प्रसंसहि | प्रशंसा करते हैं | praise |
| देहिं | देते हैं | give |
| असीसा | आशीष | blessings |
2 बरिसहिं सुमन रंग बहु माला। गावहिं किंनर गीत रसाला।।
English explanation
They shower flowers of many colors and numerous garlands. Kinnaras sing melodious songs.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरिसहिं | बरसाते हैं | shower down |
| सुमन | फूल | flowers |
| रंग | रंगों के | of various colors |
| बहु | बहुत; अनेक | many; numerous |
| माला | मालाएँ | garlands |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| किंनर | किन्नर, दिव्य गायक | kinnaras, celestial musicians |
| गीत | गीत | songs |
| रसाला | मधुर और रसपूर्ण | sweet and melodious |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.262
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 253
- सहायक विषय
- धनुषभंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 253, 254
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।