बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामभगति सुरसरितहि जाई। मिली सुकीरति सरजु सुहाई।।
मूल पाठ
रामभगति सुरसरितहि जाई। मिली सुकीरति सरजु सुहाई।।
सानुज राम समर जसु पावन। मिलेउ महानदु सोन सुहावन।।
स्रोत अभिलेख 1.4 · पुस्तक पृ. 63, 63
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुन्दर कीॢतरूपी सुहावनी सरयूजी रामभक्तिरूपी गङ्गाजीमें जा मिलीं। छोटे भाई लक्ष्मणसहित श्रीरामजीके युद्धका पवित्र यशरूपी सुहावना महानद सोन उसमें आ मिला॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 63 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रामभगति सुरसरितहि जाई। मिली सुकीरति सरजु सुहाई।।
English explanation
The lovely Sarayu of noble renown flowed into the Ganges of devotion to Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामभगति | राम के प्रति भक्ति | devotion to Rama |
| सुरसरितहि | देवनदी गंगा से | with the celestial river Ganges |
| जाई | जाकर | having gone |
| मिली | मिल गई | joined |
| सुकीरति | सुंदर कीर्ति | noble renown |
| सरजु | सरयू नदी | the Sarayu River |
| सुहाई | सुंदर | lovely |
2 सानुज राम समर जसु पावन। मिलेउ महानदु सोन सुहावन।।
English explanation
The pure renown of Rama’s battles, with his younger brother, joined it as the lovely great river Son.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सानुज | छोटे भाई सहित | with his younger brother |
| राम | श्रीराम का | of Rama |
| समर | युद्ध का | of battle |
| जसु | यश | renown |
| पावन | पवित्र करने वाला | purifying |
| मिलेउ | मिला | joined |
| महानदु | विशाल नदी | great river |
| सोन | सोन नदी | the Son River |
| सुहावन | सुंदर | lovely |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.4
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 63
- सहायक विषय
- मानसका रूप और माहात्म्य
- मुद्रित पृष्ठ
- 63, 63
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